Monday, February 16, 2026
अन्य

    परिसंवाद में बोले बाबूलाल मरांडी- एक दूसरे के पूरक हैं स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति

    स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति एक दूसरे के पूरक है, संयुक्त  बिहार 1982 में बने स्थानीय नीति को झारखंड अलग राज्य बनने पर बिहार पुर्नगठन अधिनियम के अनुसार मैंने इसे लागू किया था, लेकिन लोगों को समझ नही आया और वे इसका विरोध कर दिये, राज्य में स्थानीय नीति की जरूरत है। हम इस मांग की समर्थन करते है…

    रांची दर्पण डेस्क।  उक्त बातें आज शनिवार को स्थानीय एवं नियोजन नीति को लेकर आज जे.के सेलेब्रेसन बैंकवेट डीबडीह रांची में आयोजित परिसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी ने कही

    वहीं, कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय ने कहा कि स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति की लड़ाई आदिवासी भाईयों से ज्यादा मूलवासियों की लड़ाई है। इसे मूलवासियों को समझना होगा।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डां करमा उरांव ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि स्थानीय नीति के बिना झारखंड राज्य की कल्पना नही की जा सकती महागठबंधन सरकार को स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति पर तुरंत निर्णय लेनी होगा अन्यथा जन आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।

    दयिमनी बारला ने कहा कि वे खतियान बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं। बिना खतियान के स्थानीय नीति सम्भव नहीं है।

    एस अली ने कहा कि स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति केवल सरकारी नौकरी पाने की लड़ाई नही बल्कि झारखंडियों की पहचान के साथ समुचित भागीदारी की लड़ाई है।

    प्रेम शाही मुण्डा ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी से झारखंड राज्य का निर्माण हुआ इसलिए हर हाल में झारखंडी भावना के अनुरूप स्थानीय नीति बनना चाहिए।

    आज़म अहमद ने कहा कि सरकार बिना किसी दबाव में आयें झारखंड विधानसभा से स्थानीय नीति परित करे।

    राजू महतो ने कहा जनसंगठनों की मांग को सरकार नजर अंदाज न करे।

    कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंतु तिर्की ने कहा कि आदिवासी मूलवासी समाज जाग चुका है और सरकार की चाल-ढाल जान चुकि है। स्थानीय नीति नही बनने से खमियाजा भुगतना पड़ेगा।

    धन्यवाद ज्ञापन बलकू उरांव ने किया कार्यक्रम को सीपीआई नेता भुनेशवर प्रसाद मेहता, सीपीएम के शुभेन्दू सेन, अखिल भारतीय किसान संघ के केडी सिंह, प्रेमचंद मुर्मू, धर्म दयाल साहू, प्रफुल्ल लिंडा, एल एम उरांव, बहुरा उरांव, विभव नाथ शहदेव, फा.महेंद्र पीटर तिग्गा, शिवा कच्छप, सुभाष मुण्डा, रामपोदो महतो, अजय टोप्पो, निरंजना हेरेंज टोप्पो,भुनेश्वर केवट, कुंदरैसी मुण्डा, इस्मं आजम, मो नौशाद, धनीनाथ राम साहू, जलेश्वर भगत, शिव प्रसाद साहू, डां मुजफ्फर हुसैन, रमजान कुरैशी, रंजीत टोप्पो, बालमुकूंद लोहरा, फलुचंद तिर्की, पुष्कर महतो, मोखतार अंसारी, अजय सिंह, सुबोध दांगी, राजकुमार हांसदा, सरजन हांसदा, मो इजरायल ख़ालिद, शिव शंकर महतो, रश्मी चन्द्र, रमेश उरांव, अजीत उरांव, दिनेश उरांव, उर्मिला भगत, बलकू उरांव, उमेश मुण्डा, प्रवीण देवघरिया, संजय तिर्की, अशोक नायक, रामशरण विश्वकर्मा, निर्मल पाहान, भूनू तिर्की, एम एस भारती आदि ने सम्बोधित किया, कार्यक्रम में 54 संगठनों के लगभग पांच सौ अधिक प्रतिनिधि शामिल थे।

     

    Ranchi Darpanhttp://ranchidarpan.com
    वरीय पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। उनका उद्देश्य ताज़ा खबरें, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक ईमानदारी से पहुँचाना है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित राँची दर्पण (Ranchi Darpan) के माध्यम से वे राजधानी राँची और उसके आसपास से जुड़ी स्थानीय खबरें, प्रशासनिक मुद्दे एवं राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।
    अन्य खबरें

    टॉप ट्रेंडिंग

    error: Content is protected !!