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    Thursday, February 22, 2024
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      मोरहाबादी मैदान में होगा राष्ट्रीय जतरा महोत्सव का भव्य आयोजन, 785 जनजातीय समुदाय का होगा जमावड़ा

      राँची दर्पण डेस्क। आज झारखंडी महाजतरा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में मोरहाबादी मैदान में प्रस्तावित 31 जनवरी एवं 1 फरवरी की महाजतरा महोत्सव को सफल बनाने को लेकर विचार-विमर्श के लिए केंद्रीय कोर कमिटी की एक बैठक हुई।

      इस बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत के इतिहास में आदिवासी समुदाय का इतिहास बेहद ही गौरवपूर्ण रहा है। और इसमें भी बात जब हम सब जतरा का करते हैं तो आदिवासी समाज में जतरा का गौरवशाली इतिहास रहा है।

      जल, जंगल, ज़मीन, ढोल, नगाड़ा, अखाड़ा, नृत्य संगीत, पारंपरिक लोक गीत नृत्य, व्यंजन, जनजातीय शिल्, व्यापार, पहनावा वोढावा, खान पान, रहन सहन ही आदिवासी समुदाय की पहचान है।

      झारखंड में बत्तीस प्रकार के आदिवासी समुदाय निवास करता है। और भारत देश की बात करें तो 785 प्रकार के आदिवासी समुदाय निवास करती है।

      अपनी पहचान संस्कृति भाषा पारंपरिक लोक नृत्य संगीत, समाज को जागरूक करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जतरा को पहचान मिले इसी उद्देश्य के साथ राजधानी राँची के धूमकुड़िया भवन में आदिवासी सामाजिक अगुवा अंतू तिर्की के अध्यक्षता में एक बैठक की गई।

      झारखंड में 32 प्रकार के आदिवासी समुदाय निवास करती है वहीं पूरे भारत में 785 प्रकार के आदिवासी समुदाय निवास करती है।

      भारत की आज़ादी के बाद की बात या फिर झारखंड अलग राज्य होने के तईस वर्ष बाद भी कई ऐसे आदिवासी समुदाय है जो आज भी अपने सांस्कृतिक धार्मिक पूजा पाठ, नृत्य संगीत, व्यंजन के बारे में नहीं जानते है।

      ऐसे लोगों को जागरूक कर उन्हें एक सूत्र में बांधना समाज के मुख्य धारा से जोड़ना और अपने कला संस्कृति, भाषा कल्चर इत्यादि के बारे में बताना है।और अपने जतरा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है।

      आज आदिवासी समुदाय का जल जंगल ज़मीन, भाषा संस्कृति इत्यादि का जिस तरह से लूट मची हुई है वह समाज के लिए बेहद ही चिंताजनक है। ऐसे में राष्ट्रीय जतरा महोत्सव देश के तेरह करोड़ के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।

      राष्ट्रीय जतरा महोत्सव कमिटी में किसको क्या पद मिला ?

      अध्यक्षः अंतू तिर्की।

      कार्यकारी अध्यक्षः अर्जुन मुंडा, रवि मुंडा, अभय भूत कुमार, नरेश पाहन, अजीत कश्यप।

      उपाध्यक्षः सोनू खलखो, अमित मुंडा, मिथिलेश कुमार, राकेश मुंडा, सुजाता कश्यप।

      महासचिवः रितेश उराँव, नीलम बिरौली, राधा हेंब्रम,अनिल उरांव, ज्योत्सना केरेटठा।

      सचिवः बिरसा पहन, सुखदेव मुंडा निरंजन हेरेंज टोप्पो , महावीर लकड़ा, डब्लू मुंडा अरुण पहाड़।

      कोषाध्यक्षः सूरज टोप्पो, मोहन तिर्की, विकी करमाली।

      मीडिया प्रभारीः निरंजन भारती।

      सलाहकारः राज उराँव।

      इस बैठक में अंतु तिर्की, अभय भूँटकुंवर, नीलम बिरूली, माला कुजूर, सोनू खलखो, मिथिलेश कुमार, सूरज टोप्पो, मानसिंह मुंडा, सिकंदर मुंडा, सुरेश मिर्धा, विनय नायक, विक्की कुमार, मोहन तिर्की, राज उराँव, विनोद मुंडा, निरंजन भारती, दीपक मुंडा, डब्लू मुंडा, अनिल मुंडा, निरंजना हेरेंज टोप्पो, अमित मुंडा, रवि मुंडा, सुलेन गाड़ी, अर्जुन मुंडा, राधा हेमब्रोम, अनिल उराँव, संजय प्रधान, रिंकी नायक, ज्योत्सना केरकेट्टा इत्यादि उपस्थित शामिल थे।

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