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    Saturday, May 25, 2024
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      रांची डीसी के नाम से वॉट्सऐप की फेक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास जारी

      रांची दर्पण डेस्क। झारखंड प्रदेश की राजधानी रांची सहित राज्यभर में साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आए दिन ठगी की खबरें सामने आती रहती हैं। साइबर अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ भी साइबर अपराध करने में नहीं झिझक रहे हैं।

      Fraud attempt continues by creating fake ID of WhatsApp in the name of Ranchi DC 2खबरों के मुताबिक, साइबर अपराधियों द्वारा शनिवार (25 जून) को रांची डीसी छवि रंजन के नाम से फेक व्हॉट्सऐप आईडी बनाकर कई लोगों को गुमराह करने व ठगने की कोशिश की गई। फोन नंबर +2349163731037 नंबर का प्रयोग कर व्हॉट्सऐप पर फेक आईडी बनाते हुए प्रोफाइल फोटो में रांची डीसी की तस्वीर भी लगाई थी। ताकि, लोगों को ठगने में आसानी हो।

      वहीं जब इसकी जानकारी डीसी को मिली, तो उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर इस फेक आईडी से आपसे संपर्क किया जाता है तो किसी भी तरह के झांसे में ना आएं।

      प्रशासन द्वारा इस मामले की विधिवत सूचना पुलिस अधीक्षक कार्यालय को दी गई है। मालूम हो, करीब एक साल पहले भी रांची डीसी के नाम से साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का प्रयास किया था। तब फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा गया था।

      रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद अभी आप कहां है। आपके पास Phone-Pay या GooglePay है क्या? इसकी जानकारी मांगी जा रही थी। फिर उसके बाद किसी से 50 हजार तो, किसी से 30 हजार रुपए तक की मांग की गई थी।

      हालांकि, तब भी डीसी को सूचना मिलने पर लोगों को ठगी से बचने की अपील डीसी ने की थी। पुलिस को फेक अकाउंट बनाए जाने की सूचना दी थी। जिसके बाद साइबर ब्रांच रांची की तरफ से आईडी को डिलिट करने के लिए फेसबुक को आवेदन दिया गया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए फेसबुक ने क्लोन एकाउंट को डिसेबल कर दिया था।

      Fraud attempt continues by creating fake ID of WhatsApp in the name of Ranchi DC 3

      लगातार निशाने पर हैं आईएएस-आईपीएसः साइबर अपराधी आम लोगों के साथ आईएएस और आईपीएस को भी निशाने पर लिए हुए हैं। इसी महीने पलामू डीसी शशि रंजन की तस्वीर का प्रयोग करते हुए व्हॉट्सऐप का फर्जी एकाउंट बनाकर ठगने का प्रयास किया गया था।

      इसके दो दिन बाद ही प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) जटाशंकर चौधरी के नाम से भी फर्जी व्हॉट्सऐप एकाउंट बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास हुआ था।

      इधर, शुक्रवार को भी लातेहार डीसी अबु इमरान का फर्जी वॉट्सऐप एकाउंट बनाकर कई लोगों को मैसेज किया गया था। मैसेज में कहा गया था कि मैं राजस्थान आया हुआ हूं। मेरा नेट बैंकिग यहां काम नहीं कर रहा है।

      साथ ही पेटीएम का भी लिंक डाउन चल रहा है। मैं एक लिंक भेज रहा हूं उसमें जल्दी से 25 हजार रुपया डाल दो, अर्जेंट हैं। लातेहार लौटते ही पैसा लौटा दूंगा। इस मैसेज को देखकर करीब छह लोगों के ठगने की भी जानकारी मिली है।

      हालांकि, बाद में लातेहार डीसी को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने इसकी जानकारी एसपी कार्यालय को दी। साथ ही आम लोगो से अपील किया कि ऐसे किसी मैसेज पर विश्वास नहीं करें।

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