रोजी-रोटी को लेकर ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी के गेट पर यूं घंटों अड़े रहे कर्मी

ओरमांझी (मोहसिन)। ओरिएंट क्राफ्ट इरबा के सिलाई कर्मी जिन्हें लॉकडाउन में काम से बैठा दिया गया है। सोमवार को सभी लोग इकट्ठा होकर कंपनी पहुंचे और प्रबंधक से पहले की तरह कंपनी में काम दिया जाए, ताकि लोगों ने जो परेशानी झेल रहे हैं, वह कम हो जाए।

कड़ी धूप में कर्मी कंपनी के मेन गेट पर मांग को लेकर डटे रहे जिसके बाद प्रबंधक के और से कर्मियों से बात करने की कोशिश की गई, ताकि मामला सलट जाए।

मगर वार्ता में प्रबंधक के अधिकारी ने कर्मियों के बताया कि हम सरकार के दिशा-निर्देश पर कंपनी को चलाते हैं, जिसके अनुसार 33% लोगों को ही काम में रखने की अनुमति है। इसी वजह से हम सभी लोगों को एक साथ काम पर नहीं रख सकते हैं।

इसके अलावा हमारी कंपनी द्वारा बनाए गए माल वायर द्वारा नहीं खरीदा जा रहा है। जिसकी वजह से हमारा माल जगह जगह फंसा हुआ है। ऐसे में हम कंपनी में अधिक लोगों को कैसे काम में रख सकते हैं।

वहीं कर्मियों ने बताया कि लोग डॉन में खाने पीने की परेशानी उत्पन्न हो गई है। जिसके चलते हम लोगों को कंपनी की ओर रुख करना पड़ा। जितना भी कर्मी आपको रखने का आदेश सरकार ने दिया है। उतना ही कर्मी को भारी बारी से काम पर रखा जाए, ताकि सभी लोगों की परेशानी कुछ कम हो सके।

कर्मियों ने बताया कि लॉक डॉन के दौरान 20 से 25 दिन निस्वार्थ होकर मास्क व पीपी कीट बनाया और जब अब काम में रखने की पारी आया तो दूसरे लोगों को काम पर रख लिया गया है। जिसका हम लोग विरोध करते हैं।

वहीं कई लोगों ने बताया कि खाने पीने की कठिनाई के साथ रूम भाड़ा देना भी पढ़ रहा है। जिसके चलते हम लोग काफी मुसीबत में पड़ गए हैं। ऐसे में सरकार ने जो घोषणा किया था कि लॉक डाउन के दौरान कर्मियों को बैठे बिठाए भुगतान किया जाये,उस का पालन करें ।

कर्मियों ने बताया कि दूसरी जगह अभी ब्लॉक डॉन में काम भी नहीं मिलता है, जिसके चलते बाल बच्चों  का पेट भरना मुश्किल हो गया है।

कंपनी के बाहर भीड़ देखकर पुलिस टीम व अंचल अधिकारी शिव शंकर पांडे पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया।  इस दौरान लॉक डाउन का धज्जियां उड़ाया गया।

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