Monday, January 25, 2021

यूं पूजा कर मनाया गया ऐतिहासिक 22 पड़हा सोहराई जतरा

22 गांव से खोड़हा भी अपना आदिवासी परंपरा वेशभूषा ढोल नगाड़ा लेकर अपना बल- दल लेकर जतरा का शोभा बढ़ाते हैं, एवं नृत्य करते हैं। इस यात्रा में विभिन्न क्षेत्र व दूर-दराज से लोग जतरा देखने के लिए आते हैं। और कई नए रिश्ते जोड़ते हैं....

राँची (एहसान राजा)। ओरमांझी के होचई में सोहराई (दिपावली) के शुभ अवसर पर 17 नवम्बर 2020 को लगने वाला ऐतिहासिक सोहराई जतरा इस बार नहीं लगा।

इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए सिर्फ पूजा विधिवत रूप से किया गया।वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए भाजपा के युवा नेता सुनील उरांव की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने बैठक कर जतरा नहीं लगाने का निर्णय लिया गया था।
साथ ही सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए सिर्फ पूजा किया किया गया। इस मौके पर की जाने वाली सांस्कृतिक जतरा खुटा पूजा को पहान व ग्रामीणों ने धूम धाम से मनाने का संकल्प लिया।
जानकारी के अनुसार आदिवासी 22 पड़हा सोहराई जतरा पूर्वजों का ऐतिहासिक जतरा है, जो वर्षों से दिवाली के गोवर्धन पूजा  के बाद लगते आया है। यह जतरा ऐतिहासिक है जो 22 गांव के पाहन राजा के नेतृत्व में  जतरा लगते आया है।
22 गांव से खोड़हा भी अपना आदिवासी परंपरा वेशभूषा ढोल नगाड़ा लेकर अपना बल- दल लेकर जतरा का शोभा बढ़ाते हैं, एवं नृत्य करते हैं। इस यात्रा में विभिन्न क्षेत्र व दूर-दराज से लोग जतरा देखने के लिए आते हैं। और कई नए रिश्ते जोड़ते हैं।
इस मौके पर बुजुर्गों द्वारा अपने युवक युवतियों को विवाह जैसी पवित्र बंधन में जोड़ते है।एवं अच्छे फसल की उपज की खुशी  और नए कार्यों का कामना करते हैं।
बैठक में मुख्य रूप से सुनील उराँव, रूपेश कुमार, डिस्को मुंडा, गोबिन्द मुंडा, रामकुमार ,शिबू मुंडा पहान, ननका पाहन, प्रदीप पाहन, दिनेश उराँव ,लालदेव उराँव, बाबूलाल उराँव ,बिनोद प्रजापति, ग्राम प्रधान बलदेव उराँव ,सिकन्दर सर, राजू ,शंकर, रामटहल प्रजापति, मनोज ,कुंदन, रवि  मुंडा,विनोद ,नरेश,संजय इत्यादि उपस्थित हुए।

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