भगवान बिरसा मुंडा सरीखे धरती पुत्र के हम सब ऋणी : विधायक राजेश कच्छप

ओरमांझी (एहसान राजा)।  ओरमांझी प्रखंड अंतर्गत सदमा चौक में भगवान बिरसा मुंडा का जयंती स्मारक समिति के अध्यक्ष हरीलाल मुंडा पूर्व मुखिया के अध्यक्षता में रविवार को मनाई गई। 22 पड़हा चंद्रा सदमा मायापुर के भी तत्वधान में संयुक्त रूप में मनाई गई।

इस मौके पर मुख्य अतिथि खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा झारखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए लड़ाई लड़ी थी। जिसके कारण आज भारत देश आजाद हुई। झारखंड में भगवान बिरसा मुंडा अपनी पहचान बनाई। आदिवासी मूल वासियों के लिए हमेशा संघर्षशील रहे, इसी का नतीजा है कि महान व्यक्ति होने के साथ-साथ भगवान का दर्जा भी प्राप्त किए। इसको कभी नहीं भुलाया जा सकता है। भगवान बिरसा मुंडा धरतीपुत्र के हम सभी ऋणी हैं।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रमेश उरांव महासचिव सह प्रवक्ता जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने कहा कि भारत देश के एक स्वतंत्रता सेनानी और लोक नायक थे। जो अंग्रेजो के खिलाफ पूरे भारत देश के लोगों को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका थी। जिसका पूरा देश के स्वतंत्रता सेनानी के नाम से जाने जाते हैं। और एक महान व्यक्ति थे। इनका जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड राज्य के उलीहातू गांव में जन्म हुआ था। 25 साल के ही उम्र में आदिवासियों के धर्म संस्कृति एवं अंग्रेजो के खिलाफ जमीनदारी प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे। इनके  क्षेत्र में अंग्रेज हिम्मत नहीं करते थे। भगवान बिरसा मुंडा का ही देन है।

उन्होंने कहा कि हमारी समाज में बहुत बड़ा उनका योगदान रहा। आज का दिन संकल्प लेने का दिन है। और उन्हीं का विचार धाराओं के नक्शे पर चलने का संकल्प लेने की जरूरत है। जिससे हम आदिवासियों मूलवासी शिक्षा, स्वास्थ्य ,सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक व्यवस्था में चलकर ही सबों का कल्याण हो सकता है।

आदिवासी सरना समिति के अध्यक्ष अशोक मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी 25 वर्ष की आयु काल में अंग्रेजों एवं महाजन प्रथाओं के विरुद्ध लड़ाई लड़ी एवं आदिवासी समाज को एकजुट करते हुए अपने समाज के हक और अधिकार को लेकर जल,जंगल,जमीन, की लड़ाई लड़ी।

 इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि प्रोफ़ेसर प्रेमनाथ मुंडा, चंद्रा पंचायत के मुखिया रमेश चंद्र  उरांव, सदमा पंचायत के मुखिया गीता कच्छप,सुरेश प्रसाद साहू, अशोक गुप्ता, तुलसी खरवार, हरीमोहन महतो, ग्राम प्रधान झीरगा पहान, देवकुवर पहान, रंजीत पहान प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी तुलसी खरवार रशीद अंसारी, सफीउल्लाह अंसारी, फेकन पहान, रमेश उरांव कल्लू मुंडा, उमा देवी, विशेश्वर तिर्की, भगत उरांव सुरेश मुंडा मंटू, उरांव दूधेश्वर बेदिया, सुखराम उरांव इत्यादि मुख्य रूप से शामिल थे।

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