भगवान बिरसा जैविक उद्यान ओरमांझी की ‘जया’ का निधन, किडनी हुई फेल

यह दुखद घटना हमें यह सिखाती है कि वन्यजीवों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग में सुधार लाना कितना आवश्यक है

ओरमांझी (रांची दर्पण)। ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान ने अपनी प्रिय शेरनी ‘जया’ को खो दिया है। लगभग 15 वर्षीय यह शेरनी अहले सुबह चार बजे अपनी अंतिम सांसें ली। उद्यान प्रशासन के अनुसार जया पिछले 22 दिनों से गंभीर रूप से बीमार थी और उसका इलाज जैविक उद्यान के पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय के विशेषज्ञों की देखरेख में किया जा रहा था।

जया को गुजरात से रेस्क्यू कर लाया गया थाः 2019 में जया को गुजरात के शक्करबाग चिड़ियाघर जूनागढ़ से रेस्क्यू कर भगवान बिरसा जैविक उद्यान लाया गया था। इस दुर्लभ एशियाई शेरनी ने उद्यान में विशेष पहचान बनाई थी। उसके स्वभाव और शेरनी के गर्वीले आचरण को देखने के लिए आगंतुकों की भीड़ लगी रहती थी।

पोस्टमार्टम में किडनी फेलियर की पुष्टिः मादा शेरनी जया का पोस्टमार्टम उद्यान परिसर में तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा किया गया। इसमें डॉ. एमके गुप्ता, एचओडी पैथोलॉजी (रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय), डॉ. प्रज्ञा लकड़ा (सहायक प्राध्यापक) और उद्यान के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश साहू शामिल थे। प्रथम दृष्टि में शेरनी की मृत्यु का कारण किडनी फेलियर पाया गया है।

शव के अंगों का विस्तृत परीक्षणः जया के शरीर के विभिन्न अंगों के सैंपल गहन परीक्षण के लिए रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय और अन्य संस्थानों में भेजे गए हैं। निदेशक के अनुसार विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के पीछे का सही कारण स्पष्ट होगा।

नई शेरों की जोड़ी लाने की योजनाः जया के निधन के बाद उद्यान प्रशासन ने एशियाई शेरों की नई जोड़ी लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। दो महीने पहले ही गुजरात के वन विभाग से एक नर और मादा एशियाई शेर की मांग की गई थी। उम्मीद है कि यह जोड़ी जल्द ही जैविक उद्यान में लाई जाएगी। जिससे जया की कमी को पूरा किया जा सके। जया की मौत से उद्यान के कर्मचारी और आगंतुक बेहद दुखी हैं।

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