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आदेश और रिकॉर्ड में विरोधाभास: कांके अंचल के भूमि प्रकरण में प्रक्रियात्मक सवाल

रांची दर्पण डेस्क। कांके अंचल के एक भूमि प्रकरण में आदेश और ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड के बीच संभावित विरोधाभास सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित मामले में DCLR, सदर रांची द्वारा विवादित जमाबंदी को निरस्त करने का आदेश पारित किया गया था।

इसके बावजूद ऑनलाइन पोर्टल पर उक्त प्रविष्टि सक्रिय रहने तथा उसके आधार पर आगे की राजस्व प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आई है। यह स्थिति प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अभिलेखीय अद्यतन (record updation) की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी निरस्तीकरण आदेश के बाद संबंधित अभिलेखों का अद्यतन किया जाना आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यदि ऐसा नहीं होता है तो इससे न केवल संबंधित पक्षों को प्रभावित करता है, बल्कि संपूर्ण राजस्व प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।

ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक हो जाता है कि आदेश के अनुपालन रिकॉर्ड अपडेट और राजस्व प्रविष्टियों के बीच समन्वय किस स्तर पर सुनिश्चित किया गया।

Ranchi Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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