रांची दर्पण डेस्क। रांची के कांके अंचल अंतर्गत नेवरी मौजा के एक भूमि प्रकरण में राजस्व अभिलेखों की स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार भूमि उप समाहर्ता न्यायालय सदर रांची द्वारा दिनांक 02.12.2025 को पारित आदेश में विवादित जमाबंदी को निरस्त करने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, उक्त आदेश के लगभग चार महीने बाद दिनांक 16.04.2026 को उसी विवादित प्रविष्टि के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026–27 हेतु राजस्व रसीद निर्गत होने का मामला सामने आया है। संबंधित रसीद वर्तमान में ऑनलाइन अभिलेखों में भी प्रदर्शित बताई जा रही है।
इस घटनाक्रम से यह प्रश्न उठता है कि यदि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जमाबंदी निरस्त करने का आदेश पारित किया जा चुका है तो उसके अनुपालन की स्थिति क्या है और निरस्त प्रविष्टि के आधार पर रसीद निर्गत होने की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई।
मामला वर्तमान में जांच के दायरे में है, जिसमें अभिलेखों की संगति आदेश के अनुपालन और प्रक्रियात्मक पहलुओं की समीक्षा अपेक्षित है।



