
रांची दर्पण डेस्क। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में जिलावार भोजपुरी-मगही-अंगिका जैसे भाषा निर्धारण को लेकर उठे विवाद के बीच राज्य सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय मंत्री समूह की पहली बैठक 17 मई को आयोजित होगी।
इस कमेटी का गठन जेटेट नियमावली में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को हटाए जाने के बाद बढ़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से किया गया है।
कमेटी के समन्वयक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर हैं। समिति में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, योगेंद्र प्रसाद और संजय प्रसाद यादव शामिल हैं।
कमेटी ने कार्मिक विभाग को पत्र भेजकर तीन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे हैं। इसमें पूछा गया है कि झारखंड में विभिन्न भाषाएं बोलने वाले लोगों की जनसंख्या कितनी है।
साथ ही यह भी जानना चाहा गया है कि वर्ष 2012 तक जेटेट नियमावली में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को किस आधार पर शामिल किया गया था और वर्ष 2025-26 की नई नियमावली में इन्हें हटाने का आधार क्या है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि बैठक में भाषा विवाद पर विस्तृत चर्चा के बाद नियमावली को कैबिनेट से स्वीकृति दिलाने की दिशा में भी निर्णय लिया जा सकता है।
इधर, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक बार फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र लिखकर पार्टी का स्पष्ट रुख बताने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि वे और दीपिका पांडेय कांग्रेस कोटे से मंत्री हैं तथा दोनों भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को जेटेट में शामिल करने के पक्षधर हैं। ऐसे में पार्टी का आधिकारिक स्टैंड स्पष्ट होना आवश्यक है, ताकि बैठक में उसी आधार पर पक्ष रखा जा सके।
पत्र में मंत्री ने यह भी उल्लेख किया है कि पलामू, गढ़वा, चतरा, गिरिडीह, कोडरमा, धनबाद और बोकारो समेत कई जिलों में भोजपुरी और मगही व्यापक रूप से बोली जाती है, जबकि संताल परगना क्षेत्र के कुछ इलाकों में अंगिका भाषा का प्रचलन है। उन्होंने इन भाषाओं को सूची से बाहर किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में लगभग 10 वर्षों बाद जेटेट परीक्षा आयोजित होने जा रही है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अभ्यर्थी 21 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे। परीक्षा जुलाई माह तक आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
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