
रांची दर्पण डेस्क। ओरमांझी थाना प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत करमा (इरबा) स्थित दामाद कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 26 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान नफीस अंसारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नफीस अंसारी मूल रूप से सिकिदिरी थाना क्षेत्र के कुटे (सांडी) गांव निवासी नेसार अहमद अंसारी का पुत्र था। परिवार वर्तमान में करमा (इरबा) में अपना मकान बनाकर रह रहा था। नफीस रांची के रोस्पा टावर स्थित कंप्यूटर और लैपटॉप की दुकान में कार्यरत था। देर रात वह जमशेदपुर से घर लौटा था। परिवार के साथ सामान्य तरीके से भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया।
अगली सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को आशंका हुई। जब उन्होंने कमरे में झांककर देखा तो नफीस का शव पंखे की कुंडी से लटका मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया।
परिजनों ने बताया कि नफीस की शादी अनगड़ा थाना क्षेत्र की एक युवती से तय हुई थी। दोनों परिवारों के बीच मंगनी भी हो चुकी थी और जून महीने में शादी होने वाली थी। लेकिन तीन दिन पहले युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद से नफीस काफी तनाव में था और मानसिक रूप से टूट चुका था। बताया जा रहा है कि वह लगातार गुमसुम रहने लगा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नफीस शांत स्वभाव का युवक था और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर बेहद गंभीर रहता था। अचानक हुई इस घटना ने मोहल्ले के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है।
हाल के वर्षों में प्रेम संबंध, पारिवारिक दबाव और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में मानसिक तनाव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। रांची और आसपास के इलाकों में भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां रिश्तों में टूटन युवाओं के लिए जानलेवा साबित हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक आघात की स्थिति में परिवार और समाज की संवेदनशील भूमिका बेहद जरूरी होती है। समय रहते संवाद और मनोवैज्ञानिक सहयोग कई जिंदगियां बचा सकता है।










