15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकाल हेमंत सोरेन का पुतला फूंकेंगे JPSC-JSSC आंदोलनकारी
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से सुबह 10 बजे शुरू होगी तिरंगा यात्रा; देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी

रांची दर्पण डेस्क। JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर झारखंड में चल रहा छात्र आंदोलन स्वतंत्रता दिवस पर एक बार फिर राजधानी रांची की सड़कों पर दिखेगा। आंदोलनरत छात्रों ने 15 अगस्त 2026 को तिरंगा यात्रा निकालने और अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की घोषणा की है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, सुबह 10 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा शुरू होगी। प्रस्तावित यात्रा कचहरी चौक, सर्कुलर रोड, लालपुर चौक और प्लाजा चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचेगी। यहीं आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए पुतला दहन का कार्यक्रम तय किया है।
छात्र नेताओं का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता से जुड़े सवालों और अभ्यर्थियों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के विरोध में यह आंदोलन चल रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक निर्णय के बाद ही निकलेगा। रांची दर्पण की हालिया रिपोर्टिंग में भी JPSC-JSSC आंदोलन, परीक्षा प्रक्रियाओं और जांच को लेकर जारी विवाद का उल्लेख किया गया है।
13वें दिन भी भूख हड़ताल पर देवेन्द्र नाथ महतोः आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो के सदर अस्पताल में उपचाररत होने के बावजूद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने की बात आंदोलनकारियों ने कही है। उनके मुताबिक, 15 अगस्त को भूख हड़ताल का 13वां दिन है।
अस्पताल से छात्रों और युवाओं के नाम संदेश जारी करते हुए महतो ने तिरंगा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, रोजगार और अधिकारों से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील करते हुए तिरंगे को संविधान, लोकतंत्र, न्याय और नागरिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है।
स्वतंत्रता दिवस पर आंदोलन का सियासी संदेशः 15 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आंदोलनकारी छात्र स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव को अपने भर्ती संबंधी मुद्दों से जोड़ रहे हैं। एक तरफ तिरंगा यात्रा के जरिए राष्ट्र और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के पुतला दहन के जरिए राज्य सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करने की रणनीति बनाई गई है।
JPSC विवाद को लेकर पिछले कुछ सप्ताह से छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। जुलाई में भी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक छात्रों की पदयात्रा और आगे आंदोलन तेज करने की खबर सामने आई थी।
प्रशासन की भूमिका पर भी रहेगी नजरः स्वतंत्रता दिवस के दिन राजधानी के प्रमुख मार्गों से प्रस्तावित यात्रा को देखते हुए प्रशासनिक और यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। आंदोलनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का कार्यक्रम बताया है। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती हो सकता है।
फिलहाल, आंदोलनकारियों की अपील साफ है कि 15 अगस्त की सुबह 10 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर तिरंगा यात्रा में शामिल हों। अब देखना होगा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रस्तावित यह यात्रा JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच संवाद की नई जमीन तैयार करती है या आंदोलन को और धार देती है।
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