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रिम्स जमीन घोटालाः एसीबी जांच में बड़ा खुलासा-‘बागड़ ही खाता रहा खेत’

रिम्स के लिए अधिग्रहित जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और निर्माण में लापरवाही उजागर। एसीबी जांच में दस्तावेज़ों से मिले कड़क तथ्य, कई अधिकारियों को नोटिस। हाईकोर्ट के निर्देश पर रिम्स जमीन मामले में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा।

रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के लिए अधिग्रहित जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और उस पर किए गए निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी जांच) की आरंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेखी व गंभीर लापरवाही के कारण रिम्स की अधिग्रहित जमीन की खुलेआम खरीद-बिक्री की गई और उस पर निर्माण तक करा लिया गया।

एसीबी को दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला है कि जमीन की रजिस्ट्री, म्यूटेशन और निर्माण की अनुमति के समय यह देखने की जहमत तक नहीं उठाई गई कि संबंधित भूमि पहले ही रिम्स के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है।

इस मामले में जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े गवाहों सहित करीब आधे दर्जन लोगों को एसीबी ने नोटिस जारी किया है। सभी को अलग-अलग तिथियों में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मियों को चिन्हित कर उन्हें मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया जाएगा और एसीबी की ओर से उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसीबी अफसरों ने बताया कि अब तक इस केस में अंचल अधिकारी (सीओ), एलआरडीसी कार्यालय के कर्मियों समेत अन्य संबंधित लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। कुछ अधिकारियों से पूछताछ भी पूरी हो चुकी है।

पूछताछ के दौरान यह बात उभरकर सामने आई है कि सरकारी अभिलेखों और रिकॉर्ड के समुचित सत्यापन के बिना ही जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया। इससे न केवल सरकारी नियमों की अनदेखी हुई, बल्कि एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान की जमीन पर अतिक्रमण का रास्ता भी खुल गया।

गौरतलब है कि झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसीबी ने रिम्स के लिए अधिग्रहित जमीन की खरीद-बिक्री, निर्माण कार्य और अतिक्रमण से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के प्रारंभिक चरण में एसीबी ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों से संबंधित दस्तावेज जुटाए थे, जिनके आधार पर अब पूछताछ और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त लापरवाही और मिलीभगत के सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें एसीबी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि रिम्स की कीमती जमीन पर हुए इस कथित अवैध खेल में किन-किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है। स्रोतः मीडिया रिपोर्ट/मुकेश भारतीय

Ranchi Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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