रांची की सड़कों पर खुलेआम अवैध कोयला ढुलाई, सिस्टम फेल, माफिया राज?
रांची दर्पण डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। शहर की मुख्य सड़कों पर दिनदहाड़े साइकिलों और दोपहिया वाहनों के जरिए भारी मात्रा में कथित अवैध कोयले की ढुलाई जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राजधानी की व्यस्त सड़कों पर यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?
दिन का उजाला हो या रात का अंधेरा, बिना किसी डर और रोक-टोक के कोयले से लदी गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नजारा अब आम हो चुका है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। सोशल मीडिया और स्थानीय वीडियो रिपोर्टों में भी राजधानी की सड़कों पर इस तरह की ढुलाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
राज्य सरकार और प्रशासन अवैध खनन व तस्करी रोकने के बड़े-बड़े दावे करते रहे हैं, लेकिन हालिया रिपोर्टें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। झारखंड में अवैध कोयला कारोबार और परिवहन को लेकर लगातार ईडी और पुलिस की कार्रवाई सामने आती रही है। हाल में अवैध कोयला परिवहन और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों ने कई खुलासे किए हैं।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि हालिया आंकड़ों के अनुसार रांची जिले में हजारों टन अवैध कोयला जब्त किया गया, लेकिन कई मामलों में प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हुई। इससे प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन और ढुलाई का यह नेटवर्क बिना स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। कोयले के इस काले कारोबार ने पर्यावरण, सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था तीनों के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब थमेगा राजधानी की सड़कों पर चल रहा यह अवैध खेल? और कब जागेगा सिस्टम, जो अब तक मूकदर्शक बना हुआ है?










