नामकुम अंचल में रिकॉर्ड गायब! ACB ने CO श्वेता वर्मा पर जांच दर्ज करने की मांगी अनुमति?
नामकुम (रांची दर्पण)। नामकुम अंचल के टुंडुल क्षेत्र में जमीन से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेरफेर और अवैध म्यूटेशन के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए तत्कालीन अंचल अधिकारी श्वेता वर्मा, तत्कालीन हल्का कर्मचारी दीपक कुमार समेत अन्य सरकारी कर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज करने हेतु मंत्रिमंडल एवं निगरानी विभाग से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही एसीबी मामले में औपचारिक जांच शुरू करेगी।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब होने और भूमि संबंधी दस्तावेजों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। ऐसे में बड़े जमीन घोटाले की आशंका जतायी जा रही है। एसीबी का मानना है कि जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब टुंडुल क्षेत्र की कीमती भूमि से जुड़े विवाद में थॉमस साइमन साइरिल हंस ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि नामकुम अंचल कार्यालय द्वारा भूमि के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं और रिकॉर्ड को जानबूझकर छिपाया जा रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी इस पर गंभीर चिंता जतायी। अदालत ने पाया कि संबंधित अधिकारी मूल भूमि अभिलेख प्रस्तुत करने में टालमटोल कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर एसीबी ने प्रारंभिक जांच शुरू की।
अब निगाहें मंत्रिमंडल एवं निगरानी विभाग की अनुमति पर टिकी हैं। अनुमति मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों की भूमिका, रिकॉर्ड गायब होने की परिस्थितियों और कथित अवैध म्यूटेशन की पूरी जांच करेगी।
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