
“यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यदि समय रहते रांची बड़ा तालाब मंदिर जैसे स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं। रांची जैसे शहर में आस्था के केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता बननी चाहिए…
रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची में अब धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। बड़ा तालाब के पास स्थित एक मंदिर से भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के चांदी के मुकुट तथा चांदी की छतरी की दिनदहाड़े चोरी ने शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह घटना न सिर्फ एक आपराधिक वारदात है, बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात भी है।
मंदिर के पुजारी मनोज कुमार मिश्रा द्वारा डेली मार्केट थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अज्ञात चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। चोरी गए सामान में लगभग 750 ग्राम का हनुमानजी का चांदी का मुकुट, 250 ग्राम का रामजी का और 255 ग्राम का लक्ष्मणजी का मुकुट, साथ ही करीब 500 ग्राम की चांदी की छतरी शामिल है।
घटना 30 अप्रैल को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुजारी के भाई निरंजन कुमार मिश्रा ने सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक सभी आभूषण सुरक्षित देखे थे। शाम साढ़े छह बजे जब श्रद्धालु आरती के लिए पहुंचे, तब चोरी का खुलासा हुआ।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मंदिर परिसर में लगा सीसीटीवी कैमरा खराब पाया गया। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह महज संयोग है या फिर किसी साजिश का हिस्सा? शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल पर सुरक्षा उपकरणों का निष्क्रिय होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ जारी है। हालांकि अब तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो सकी है।
रांची में हाल के दिनों में चोरी और लूट की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। खासकर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। यह घटना बताती है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े भी वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे।
मंदिरों में चोरी जैसी घटनाएं केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा की भावना को भी जन्म देती हैं। श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब भगवान के घर ही सुरक्षित नहीं, तो आमजन की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
इस घटना के बाद जरूरी है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित हो। स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया जाए। पुलिस गश्त को बढ़ाया जाए।
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