रांची में फूटा होमगार्ड अभ्यर्थियों का गुस्सा, डीसी ऑफिस पर बोला धावा
रांची दर्पण डेस्क। इंसाफ की आस और सिस्टम की बेरुखी के खिलाफ शनिवार को राजधानी रांची की सड़कें होमगार्ड अभ्यर्थियों के आक्रोश से थर्रा उठीं। विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत रांची जिला होमगार्ड बहाली प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों का सब्र आखिरकार टूट गया। महीनों से रिजल्ट और मास्टर चार्ट जारी नहीं होने से नाराज हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए और उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में यह विशाल पदयात्रा सुबह करीब 11:30 बजे ऐतिहासिक मोराबादी मैदान से शुरू हुई। देखते ही देखते मोराबादी से एसएसपी आवास, रेडियम रोड और कचहरी चौक तक पूरा इलाका प्रदर्शनकारियों के नारों से गूंज उठा। रिजल्ट जारी करो, पारदर्शिता लाओ और हमारा हक दो जैसे नारों ने राजधानी की रफ्तार थाम दी।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों में होमगार्ड बहाली प्रक्रिया पूरी कर ज्वाइनिंग तक करा दी गई है, लेकिन रांची जैसे महत्वपूर्ण जिले में अब तक परिणाम जारी नहीं किया गया। युवाओं का कहना है कि उन्होंने दौड़, लॉन्ग जंप और हाई जंप सहित सभी शारीरिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक पूरी कीं, लेकिन विभाग अब तक मास्टर चार्ट और अंतिम रिजल्ट सार्वजनिक करने में टालमटोल कर रहा है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, लेकिन अभ्यर्थियों का हुजूम लगातार बढ़ता गया। समाहरणालय पहुंचने के बाद यह विरोध प्रदर्शन महाधरने में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय के सामने बैठकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द परिणाम जारी करने की मांग दोहराई।
JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर बहाली प्रक्रिया को लंबित रखे हुए है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पारदर्शिता के साथ रिजल्ट जारी नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। युवाओं ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो राजधानी में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर युवाओं को अपने रोजगार और रिजल्ट के लिए कब तक सड़कों पर उतरना पड़ेगा? जब अभ्यर्थी कठिन शारीरिक परीक्षा पास कर सकते हैं तो प्रशासन रिजल्ट जारी करने में इतनी देरी क्यों कर रहा है?
फिलहाल राजधानी रांची में यह आंदोलन चर्चा का केंद्र बना हुआ है और अब सबकी नजर जिला प्रशासन तथा झारखंड सरकार के अगले कदम पर टिकी है।










