खूंटी (रांची दर्पण डेस्क)। झारखंड के खूंटी से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ परिवार बल्कि पुलिस प्रशासन को भी गहरे असमंजस में डाल दिया है। जिस युवक को मृत मानकर परिवार ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया था, वह छह दिन बाद अचानक जिंदा अपने घर लौट आया। मामला खूंटी थाना क्षेत्र के डड़गामा गांव का है।
जानकारी के अनुसार 11 मई को गांव के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शव की तस्वीर देखने के बाद पतराटोली निवासी विश्राम मुंडा के परिजनों ने उसे अपना बेटा मान लिया। परिवार का कहना था कि विश्राम 6 मई से लापता था, इसलिए उन्होंने शव की पहचान उसी के रूप में कर दी।
पुलिस प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को घर लाया गया और गांव में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। परिवार शोक में डूबा हुआ था और पूरे इलाके में विश्राम की मौत की चर्चा होने लगी।
लेकिन कहानी में बड़ा मोड़ तब आया, जब 17 मई को विश्राम मुंडा अचानक अपने घर पहुंच गया। उसे सामने देख परिजन पहले तो घबरा गए, फिर यकीन ही नहीं हुआ कि जिसे उन्होंने दफना दिया, वह उनके सामने खड़ा है।
विश्राम मुंडा ने बताया कि वह 6 मई को सिंबुकेल गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। वहां से वह अपने कुछ परिचितों के साथ रामगढ़ चला गया। मोबाइल संपर्क टूट जाने के कारण परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। कुछ दिन बाद वह वापस अपने गांव लौट आया।
इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था? पुलिस के सामने अब उस अज्ञात शव की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब पुराने रिकॉर्ड और आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदगी की जानकारी जुटा रही है। वहीं गांव में यह मामला चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे मौत के बाद वापसी जैसी रहस्यमयी घटना मान रहे हैं, जबकि पुलिस इसे पहचान की बड़ी चूक के तौर पर देख रही है।










