अंडमान
- धरोहर
जर्मन मिशनरी ने रांची से निकाला था झारखंड की पहली पत्रिका !
रांची दर्पण डेस्क। जर्मन मिशनरी जब 1845 में छोटानागपुर पहुंची तो उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुसमाचार प्रचार का काम यहां की जनजातियों के बीच शुरू…
रांची दर्पण डेस्क। जर्मन मिशनरी जब 1845 में छोटानागपुर पहुंची तो उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुसमाचार प्रचार का काम यहां की जनजातियों के बीच शुरू…