DCLR आदेश के बावजूद कार्रवाई में देरी, अब CO का नया नोटिस- राजस्व प्रक्रिया पर उठे सवाल!
A land-related case in Ranchi has raised questions after alleged delay in implementing a DCLR order dated December 1, 2025. A fresh notice issued by the Circle Officer has triggered complaints to senior authorities and the Anti Corruption Bureau.

रांची दर्पण डेस्क। राजस्व प्रशासन से जुड़े एक मामले में भमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने और बाद में अंचल स्तर पर नई प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल (Questions raised on revenue process:) उठ रहे हैं।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार DCLR (डीसीएलआर) द्वारा दिनांक 01 दिसंबर 2025 को एक आदेश पारित किया गया था, जिसमें संबंधित अंचलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस आदेश (DCLR order) के बावजूद अंचल कार्यालय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई लंबे समय तक नहीं की गई। मामला सिंपल है कि 25 डिसमिल का प्लॉट 37 डिसमिल कैसे सकता है और 25 डिसमिल की पूर्व जमाबंदी कायम रहने के बाबजूद अतिरिक्त 12 डिसमिल की जमीन की जमाबंदी कर 37 डिसमिल की रशीद कैसे काटी जा सकती है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संबंध में उन्होंने समय-समय पर वरीय अधिकारियों को भी अवगत कराया। साथ ही इस मामले से संबंधित शिकायत एंटी क्रप्शन ब्यूरो (ACB) को भी भेजी गई है। लेकिन अभी तक त्रुटि सुधार नहीं की गई है।
इसी बीच 6 मार्च,2026 को अंचल कार्यालय द्वारा एक नया नोटिस (Circle Officer notice) जारी किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मामले को पुनः विवादित (Ranchi land dispute) या लंबित रखने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
राजस्व मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि किसी मामले में उच्च अधिकारी द्वारा आदेश पारित किया जा चुका हो, तो सामान्यतः उसका समयबद्ध अनुपालन किया जाना अपेक्षित होता है। ऐसे मामलों में विलंब होने पर प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टीकरण लिया जा सकता है।
इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने उपायुक्त (DC), DCLR तथा Anti Corruption Bureau (ACB) को लिखित शिकायत भेजते हुए मामले की जांच और आदेश के अनुपालन की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि प्रशासन की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।










