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    Thursday, April 25, 2024
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      पंडरा दोहरा हत्याकांड की सनसनीखेज कहानी, मुख्य आरोपी अर्पित की जुबानी

      ** प्रवीण के सिर से खून गिरता देख श्वेता भी मेरे ऊपर हमला करने लगी, गुस्से में उसके सिर पर भी हथौड़ी से 2-3 बार हमला कर दिया। श्वेता भी वहीं गिर गयी......**

      राँची दर्पण डेस्क।  पंडरा इलाके में दोहरे हत्याकांड का आरोपी अर्पित अर्नव और श्वेता के बीच सोशल साईट पर दो साल पहले दोस्ती हुई थी। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी अर्पित ने बताया है कि 2020 में उसका संपर्क श्वेता सिंह (मृतका) से इंस्ट्राग्राम में माध्यम से हुआ और धीरे-धीरे प्यार में बदल गया।

      Minor brother and sister murdered in Pandara area mothers condition critical admitted to RIMS husband lives abroadइसके बाद अर्पित श्वेता के घर मिलने जाने लगा। दोनों का संबंध घनिष्ठ होते चला गया। अर्पित को पता था कि श्वेता की मां चंदा देवी शनिवार की सुबह 3 बजे मंदिर जाती है, तभी श्वेता अर्पित को मिलने बुलाती थी।

      अर्पित ने पुलिस को बताया कि 16 जून से 11 वीं की परीक्षा देने के लिये वह दोस्त कमलेश नवरत्ना के साथ रांची पहुंचा था। 17 जून को श्वेता ने फोन कर रात में जनकनगर स्थित घर बुलायी।

      इस बात की जानकारी कमलेश को भी दी थी कि उसे श्वेता से मिलने जाना है, उस रात में दस बजे के करीब खाना खाकर अपने दोस्त नवरत्ना के साथ सो गया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे बिना किसी को बताये श्वेता से मिलने के लिये निकला।

      ओला कार करके ओटीसी मैदान के बगल से साहदेवनगर होते हुए अंतिम छोर पर उतर गया। उसके बाद वहां से खेत होते हुए श्वेता सिंह के घर रात साढ़े बारह बजे पहुंचा। घर के पीछे स्थित पेड़ के सहारे छत पर पहुंचा।

      श्वेता अपने घर के ऊपर का गेट का ताला खोल कर रखी थी। जैसे ही मैं ऊपर चढा स्वेता बोली सब सोया हुआ है। जूता का आवाज से कोई उठ नहीं जाये श्वेता जूता ऊपर ही खुलवा दी। करीब दो से ढ़ाई घंटे तक छत की सीढी पर ही बैठ रहे।

      इसी क्रम में श्वेता की मां चंदा देवी उठ गयी और उठने के बाद घर से स्कूटी बाहर निकाल कर फिर अंदर आयी। और अचानक अर्पित और श्वेता सिंह को सीढ़ी पर आपत्तिजनक स्थिति में देख ली।

      यह देखते ही चंदा देवी बिफर पड़ी और हल्ला करने के साथ ही आर्पित को पीटने लगी। अर्पित ने बताया कि हल्ला सुन कर वह डर गया। सीढ़ी पर रखा चाकू को उठा कर उस पर वार कर दिया। जैसे ही दो-तीन बार वार किया, चाकू टूट गया।

      उसकी मां भी उसपर हमला करने लगी। तभी सीढ़ी के बलग में रखा फ्रीज के ऊपर से लोहे की हथौड़ी उठाकर चंदा देवी पर वार कर दिया।

      इससे श्वेता की मां वहीं बेहोश होकर गिर गयी। इतने में श्वेता का भाई प्रवीण कुमार सिंह एक रॉड लेकर उसे मारने के लिए आ गया। मैं प्रवीण का रॉड पकड़ कर उसे लोहे की हथौड़ी से उसके सिर पर 3 से 4 बार वार कर दिया।

      प्रवीण के सिर से खून गिरता देख श्वेता भी मेरे ऊपर हमला करने लगी, गुस्से में उसके सिर पर भी हथौड़ी से 2-3 बार हमला कर दिया। श्वेता भी वहीं गिर गयी। तीनों के सर से बहुत ज्यादा खून बहने लगा।

      खून देख कर मैं डर गया। मेरे कपड़े में खून का दाग लग गया था। जिसके छुपाने के लिए श्वेता के घर में ही रखा काला दुपट्टा लेकर जिस तरह घर के अन्दर आया था उसी तरफ उसके छत के पीछे से पेड़ एवं छज्जा के सहारे उतर कर खेत की तरफ से भाग गया।

      घटना को अंजाम देने के बाद अर्पित रातू रोड आकर ओला वाले को फोन कर बुलाया और उससे वापस रातू तालाब के पास आ गया। रातू तालाब के बलग में दुकान में काम करने वाले स्टाफ के घर पर जाकर कपड़ा मांगा।

      स्टाफ ने पूछा क्यों चाहिए कपड़ा तो अर्पित ने बताया कि मेरा दुर्घटना हो गया है। जिस वजह से मेरा कपड़ा फट गया है। जिसके बाद स्टाफ ने मुझे एक टीशर्ट और एक हाफ पैंट दिये।

      फिर खून लगा कपड़ा बदल लिया और खून का दाग लगा हुआ काला टी शर्ट,सफेद जिन्स पैंट और काला रंग का चुन्नी को खोल कर एक प्लास्टिक के थैला में डाल कर वहीं पास के एसएनएल बेयरिंग लिमिटेड कम्पनी के चाहरदिवारी के अंदर फेककर भागकर हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचा।

      हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचकर कर अपने पिता और मां को फोन पर श्वेता एवं उसके परिवार के लोगों के साथ मारपीट हो जाने की जानकारी दी और कहा कि तुम मेरा दोस्त कमलेश नवरत्न को मेरा कपड़ा बैग में डाल कर स्टेशन भेज दो।

      कुछ देर बाद अर्पित के पिता कार से हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचे अर्पित को घर ले जाने लगे। घर नहीं जाने का जिद्द करने पर रातू इलाके में स्थित संगम रेस्टोरेंट ले गया।

      वहीं पर कमलेश नवरत्न अपना और मेरा बैग लेकर संगम रेस्टोरेंट के पास आया हम दोनों वहां से ऑटो पकड़ कर हटिया रेलवे स्टेशन चले गए। हटिया स्टेशन से लोकल ट्रेन को पकड़ कर राउरकेला स्टेशन पहुंचा।

      जहां से गीतांजलि सुपरफास्ट ट्रेन पकड़ कर दूसरे दिन 19 जून 2022 को बिलासपुर पहुंचा और वहां से अर्पित अपने किराये के घर और कमलेश नवनरत्न अपने घर चला गया।

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