शिक्षा व्यवस्था पर कसेगा शिकंजा,अनुपस्थित शिक्षकों की कटेगी सैलरी, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

रांची दर्पण। समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित सभागार में समग्र शिक्षा एवं मध्याह्न भोजन योजना को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) सहित तमाम शिक्षा अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने शिक्षा व्यवस्था में सख्ती और पारदर्शिता लाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षक ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा उस दिन का वेतन रोक दिया जाएगा। बिना वैध अवकाश के विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हर 15 दिनों में इसकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

बैठक में पाया गया कि अब तक केवल 50% बच्चों का ही निजी विद्यालयों में RTE के तहत नामांकन हो पाया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगले 10 दिनों में 100% नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई निजी स्कूल RTE एक्ट 2009 का पालन नहीं करता है, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि सरकारी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की गुणवत्ता का आकलन करें। जिन शिक्षकों के कारण छात्रों का प्रदर्शन खराब हो रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है।

बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बुंडू की कक्षा 10वीं के परिणाम की समीक्षा की गई, जिसमें 67 में से केवल 58 छात्राएं पास हो सकीं। 9 छात्राओं के फेल होने को गंभीरता से लेते हुए बीईओ को जांच रिपोर्ट देने और विद्यालय वार्डन को शोकॉज नोटिस देने के निर्देश दिए गए।

जिले के कई विद्यालयों में असामाजिक तत्वों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन ऐसे तत्वों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।

प्रत्येक विद्यालय के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें सभी को जोड़ने का निर्देश दिया गया, ताकि विद्यालय की समस्याएं और सुधार की योजनाएं सीधे जिला प्रशासन तक पहुंच सकें।

राज्य द्वारा आपूर्ति की गई पाठ्यपुस्तकों का वितरण दो दिनों में पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया गया है। इसके लिए मुखिया से भी नियमित अनुश्रवण का आग्रह किया गया है।

सोनाहातू प्रखंड के बीईईओ और बीपीओ को समय पर वितरण न करने और संबंधित डेटा गूगल सेट में अपलोड न करने पर शोकॉज नोटिस जारी किया गया।

जिन विद्यालयों का मैट्रिक और इंटर का रिजल्ट खराब रहा है, उनके सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के गैरहाजिर रहने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गहन जांच के निर्देश दिए गए।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए सहायक अभियंता को एक सप्ताह के भीतर प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया गया।

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