JPSC-JSSC आंदोलन पर बवाल: छात्रों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के विरोध में कल रांची बंद का आह्वान
छात्रों की मांगों पर सरकार से वार्ता विफल, विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस से तीखी झड़प के बाद भाजपा का बड़ा एलान।

रांची दर्पण डेस्क। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ राजधानी रांची में चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार 10 अगस्त को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर हजारों की संख्या में छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज, वाटर कैनन के इस्तेमाल और विपक्षी दल के प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कल यानी 11 अगस्त को ‘रांची बंद’ की घोषणा की है।
बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े छात्र, पुलिस से तीखी झड़पः सोमवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ छात्रों का ‘विधानसभा घेराव मार्च’ काफी आक्रामक रहा। प्रशासन द्वारा की गई छह स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, कंटीले तारों और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद छात्रों का हुजूम तमाम बैरिकेड्स को तोड़ते हुए विधानसभा परिसर के करीब तक पहुंच गया।
पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो खुद एम्बुलेंस से इस मार्च में शामिल होने पहुंचे। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का उपयोग किया और लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्र चोटिल हुए हैं।
सीएम आवास के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामाः एक तरफ जहां धुर्वा इलाके में छात्र पुलिस से लोहा ले रहे थे, वहीं दूसरी तरफ इस आंदोलन को समर्थन दे रही भाजपा के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
माहौल बिगड़ता देख रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित लगभग 50 शीर्ष भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता विफलः इससे पूर्व रविवार को राज्य सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अगुवाई में छात्र प्रतिनिधियों के साथ करीब साढ़े सात घंटे लंबी मैराथन वार्ता हुई थी। सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करने, वित्तीय अनियमितताओं की ईडी (ED) से जांच कराने और व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष कमेटी बनाने का प्रस्ताव देकर 98 फीसदी मांगें मानने का दावा किया था।
हालांकि, छात्र जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और पूरे घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग पर अड़े रहे। इस मुख्य मांग पर सहमति न बनने के कारण वार्ता बेनतीजा रही और सोमवार को छात्रों ने सड़क पर उतरकर अपनी ताकत दिखाई
कल रांची बंद और एबीवीपी का विधानसभा मार्चः भाजपा द्वारा घोषित ‘रांची बंद’ को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। वहीं दूसरी ओर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के विरोध में कल 11 अगस्त को सुबह 11 बजे पुरानी विधानसभा से ‘विधानसभा मार्च’ निकालने का एलान किया है।
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में आगामी 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा (धारा 163/144) लागू रखी है। इस बंद के कारण कल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रहेगी और व्यापारिक प्रतिष्ठानों सहित आम जनजीवन पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।





