राँची दर्पण डेस्क। राँची खेलगांव स्थित ओरिएंट क्राफ्ट फैशन इंडस्ट्रीज लिमिटेड में मजदूरों के आंदोलन ने आखिरकार बड़ा परिणाम दिया। वेतन में देरी, प्रति पीस भुगतान, बकाया मजदूरी और अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ शुरू हुए इस आंदोलन के दबाव में कंपनी प्रबंधन को झुकना पड़ा और मजदूरों की कई प्रमुख मांगें मान ली गईं।
मजदूरों के लगातार विरोध और एकजुटता के बाद प्रबंधन ने ऑन-द-स्पॉट कटौती की गई मासिक वेतन राशि वापस करने के साथ-साथ बकाया वेतन का भुगतान करने पर सहमति जताई। इसके अलावा, हर महीने की 10 तारीख तक नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया।
आंदोलन के दौरान उठे गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रबंधन ने मजदूरों के साथ गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले एक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। साथ ही, मजदूरों की मुख्य मांग प्रति पीस दर के बजाय झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक मजदूरी के आधार पर वेतन देने को भी स्वीकार कर लिया गया।
इस आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) का समर्थन मिला। मौके पर मौजूद जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने स्पष्ट कहा कि “मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि मजदूरों के अधिकारों का हनन हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे नेताओं में जेएलकेएम के महासचिव मार्शल महतो, राँची महानगर अध्यक्ष संजय महतो, विराट महतो, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष शिल्पा महतो, युवा मोर्चा के राजू महतो, रामगढ़ के नेता संतोष महतो और आजसू नेता बबलू महतो सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में हजारों की संख्या में मजदूरों ने भाग लिया, जिससे प्रबंधन पर दबाव बना और अंततः सकारात्मक समाधान निकल सका। मजदूरों ने इसे अपनी एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत बताया है।



