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खेरबैड़ा डैम ध्वस्त, कई गांवों में फैला पानी; धान की फसल को भारी नुकसान

जलस्तर बढ़ने के बाद खेरबैड़ा डैम अचानक ध्वस्त, लोटा-गोडाडीह मार्ग प्रभावित; प्रभावित किसानों के सर्वे और मुआवजे की मांग

सिल्ली (रांची दर्पण)। सिल्ली प्रखंड अंतर्गत गोडाडीह पंचायत क्षेत्र में स्थित खेरबैड़ा डैम शनिवार दोपहर जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद अचानक ध्वस्त हो गया। प्राकृतिक जंगल के बीच स्थित इस डैम के टूटने से गोडाडीह, सातपालु, रायकोचा सहित आसपास के कई इलाकों में पानी फैल गया। पानी फैलने से बड़ी मात्रा में धान सहित अन्य कृषि फसलों के प्रभावित होने की सूचना है।

डैम के ध्वस्त होने के कारण लोटा-गोडाडीह मुख्य मार्ग भी कई घंटों तक प्रभावित रहा। सड़क पर पानी भर जाने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल देखा गया।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सिल्ली विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि डैम की मेड़ से पिछले कई दिनों से पानी का रिसाव हो रहा था। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की ओर से रिसाव का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाया जाता तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

देवेंद्र नाथ महतो ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से डैम टूटने से प्रभावित सभी गांवों और किसानों का तत्काल सर्वे कराने तथा नुकसान का आकलन करने की मांग की। उन्होंने प्रभावित किसानों को चिन्हित कर नियमानुसार मुआवजा एवं आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि सिल्ली क्षेत्र कृषि प्रधान है और यहां बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर है। ऐसे में फसलों की क्षति किसानों के लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेकर किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

Ranchi Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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