तथ्य जांच नीति

Fact Check Policy – तथ्य जांच नीति – Ranchi Darpan

हमारी रांची दर्पण न्यूज वेबसाइट  https://ranchidarpan.com/ की कोशिश है कि झूठ, अफवाह और आधे–अधूरे सच के शोर के बीच पाठक तक जितना हो सके, साफ–सुथरी और जांची–परखी जानकारी पहुँचे। इसी सोच के साथ हमने अपनी Fact Check Policy तैयार की है, ताकि आप जान सकें कि हम किसी दावे, वायरल पोस्ट या खबर की सच्चाई कैसे परखते हैं और क्या–क्या मानक अपनाते हैं।

1. Fact Check की ज़रूरत क्यों?

आज सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और इंटरनेट पर सेकंडों में “सूचना” वायरल हो जाती है। लेकिन हर वायरल चीज़ सच नहीं होती।

Fact Check के ज़रिए हम

  • झूठी अफवाहों, फेक न्यूज़ और ग़लत दावों की पहचान करते हैं
  • पाठकों को बताते हैं कि कौन–सा दावा सही, कौन–सा गलत या भ्रामक है
  • संवेदनशील मुद्दों (सम्प्रदाय, जाति, राजनीति, स्वास्थ्य, चुनाव आदि) पर फैल रही गलत सूचनाओं को चिन्हित कर उनका सच सामने लाते हैं

हमारा उद्देश्य किसी “राजनीतिक पक्ष” को बचाना या गिराना नहीं, बल्कि सच और झूठ के बीच स्पष्ट रेखा खींचना है।

2. हम किन–किन चीज़ों की Fact Check करते हैं?

हम आमतौर पर इन प्रकार के दावों की Fact Check करते हैं

  • सोशल मीडिया पर वायरल फोटो, वीडियो, पोस्ट, मेसेज, मीम आदि
  • व्हाट्सऐप/टेलीग्राम/फेसबुक आदि पर फैले “ख़ास जानकारी” वाले मैसेज
  • नेताओं, संस्थाओं, अधिकारियों या सार्वजनिक व्यक्तियों के बयान, जब वे तथ्यात्मक रूप से संदिग्ध लगें
  • स्वास्थ्य, इलाज, दवा, सरकारी योजनाओं, स्कीमों, सरकारी आदेशों से जुड़ी गलत या अधूरी जानकारी
  • चुनाव, सांप्रदायिक तनाव या बड़े घटनाक्रम के दौरान फैल रही अफवाहें

हर वायरल चीज़ की Fact Check करना संभव नहीं, इसलिए हम उन दावों को प्राथमिकता देते हैं

  • जिनका सीधा असर समाज, शांति, स्वास्थ्य या लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है
  • जिनके बारे में पाठकों/पाठक–समूह से बार–बार सवाल या शिकायतें आती हैं

3. Fact Check के लिए प्रक्रिया क्या है?

जब कोई दावा (Claim) हमारे ध्यान में आता है-

  1. दावे की पहचान
  • क्या कहा जा रहा है? किस रूप में (टेक्स्ट, फोटो, वीडियो)? किसके नाम से?
  • दावा कब और कहाँ से शुरू हुआ – यह पता लगाने की कोशिश की जाती है।
  1. स्रोतों की खोज
  • आधिकारिक वेबसाइटें (सरकारी विभाग, चुनाव आयोग, स्वास्थ्य मंत्रालय आदि)
  • विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स
  • विशेषज्ञों, अधिकारी या प्रत्यक्षदर्शियों से बात
  • सार्वजनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज़, कोर्ट ऑर्डर, प्रेस रिलीज़ आदि
  1. फोटो/वीडियो की जांच
  • Reverse Image Search (जैसे Google, TinEye आदि)
  • मेटाडेटा या अन्य तकनीकी पहलू (जहाँ संभव हो)
  • वही फोटो/वीडियो कहीं पहले किसी और घटना/देश/साल में तो इस्तेमाल नहीं हुआ?
  1. क्रॉस–वेरिफिकेशन
  • केवल एक स्रोत से नहीं, बल्कि संभव हो तो कई स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि की कोशिश की जाती है।
  1. निष्कर्ष तैयार करना
  • जांच के बाद स्पष्ट और सरल भाषा में बताया जाता है कि दावा
  • पूरी तरह सही है
  • आंशिक रूप से सही / भ्रामक है
  • पूरी तरह झूठा / फर्जी है

4. हम Fact Check का नतीजा कैसे बताते हैं?

Fact Check रिपोर्ट के अंत में हम दावे की स्थिति को साफ–साफ लिखकर वर्गीकृत करने की कोशिश करते हैं, जैसे

  • “सत्य” / “सही” – दावा तथ्यात्मक रूप से सही पाया गया
  • “आंशिक सत्य” / “भ्रामक” – दावा कुछ हद तक सही, लेकिन संदर्भ/आंकड़ों/प्रस्तुति के कारण गलत दिशा में ले जाने वाला
  • “झूठा” / “फर्जी” / “फैक्टली गलत” – दावा साक्ष्यों के आधार पर गलत
  • “अप्रमाणित” / “नहीं कहा जा सकता” – जब पर्याप्त विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध नहीं है

हम ज़रूरी होने पर यह भी बताते हैं कि सही तथ्य क्या हैं और दावा किस तरह से गलत या बदला हुआ है।

5. राजनीतिक और वैचारिक निष्पक्षता

Fact Check के दौरान हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है – कोई पक्ष नहीं, केवल तथ्य

  • हम किसी राजनीतिक दल, विचारधारा, संगठन, सरकार या विरोधी गुट की ओर से “प्रचार” नहीं करते।
  • यदि किसी दल/नेता के बयान की Fact Check होती है, तो वह उनके पक्ष या विपक्ष में “अभियान” नहीं, बल्कि तथ्य पर आधारित जांच होती है।
  • एक ही मानक सभी पर लागू होते हैं, चाहे दावा किसी भी तरफ से आया हो।

हमारा लक्ष्य गलत सूचना का मुकाबला करना है, न कि किसी के लिए “इमेज बिल्डिंग” या “इमेज डैमेज” करना।

6. पारदर्शिता: हम अपना तरीका छुपाते नहीं

Fact Check की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है कि पाठक जानें कि हमने जांच कैसे की

इसलिए हम जहाँ संभव हो

  • इस्तेमाल किए गए स्रोतों के लिंक, दस्तावेज़, स्क्रीनशॉट या संदर्भ देते हैं
  • बताने की कोशिश करते हैं कि कौन–सा टूल, कौन–सी वेबसाइट या कौन–सा डेटा हमने इस्तेमाल किया
  • यदि कोई जानकारी ऑफ़–रिकॉर्ड या अनाम स्रोत से आती है, तो उसकी सीमाएँ भी साफ–साफ बताते हैं

आप चाहें तो हमारी Fact Check रिपोर्ट में दिए गए स्रोतों को खुद भी जाँच सकते हैं।

7. हम भी गलती कर सकते हैं और मानते भी हैं

Fact Check का काम भी इंसान करते हैं, और कभी–कभी

  • जल्दबाज़ी,
  • सीमित डेटा,
  • या अपूर्ण जानकारी के कारण हमारी Fact Check में भी त्रुटि संभव है।

ऐसी स्थिति में,

  • यदि हमें खुद गलती का पता चले या
  • कोई पाठक, विशेषज्ञ या संबंधित पक्ष हमें विश्वसनीय साक्ष्य के साथ गलती बताए,

तो हम

  • Fact Check को अपडेट या सुधार (Correction/Update) करेंगे
  • ज़रूरत पड़ने पर स्पष्ट नोट जोड़ेंगे कि पहले हमने क्या लिखा था और अब क्या सुधार किया गया है

इसके लिए हमारी Corrections & Updates Policy भी लागू होती है।

8. आप Fact Check के लिए हमें क्या भेज सकते हैं?

अगर आपको कोई मैसेज, फोटो, वीडियो, पोस्ट संदिग्ध लगता है और आप उसका सच जानना चाहते हैं तो हमें भेजें

भेजते समय जरुरी है किः

  1. पूरा मैसेज/फोटो/वीडियो/लिंक शेयर करें
  2. जहाँ से मिला (जैसे- व्हाट्सऐप ग्रुप, फेसबुक, ट्विटर आदि) उसका भी ज़िक्र करें
  3. यदि आपको लगता है कि इसका समाज पर कोई ख़ास असर पड़ सकता है (दंगा, डर, नफ़रत, चुनाव असर आदि), तो वह भी लिखें

हम हर रिक्वेस्ट पर Fact Check नहीं कर सकते, लेकिन गंभीर और जन–हित वाले मामलों को प्राथमिकता देते हैं।

9. सीमाएँ (Limitations)

हम ईमानदारी से Fact Check करते हैं, लेकिन हमारी भी कुछ सीमाएँ हैं

  • कुछ मामलों में आधिकारिक डेटा या रिकॉर्ड उपलब्ध न होना
  • चल रहे कानूनी मामलों में जानकारी सीमित होना
  • किसी निजी/संवेदनशील मामले में गोपनीयता के कारण पूरी जानकारी सार्वजनिक न कर पाना
  • भाषा, तकनीकी संसाधन या क्षेत्रीय पहुंच की सीमाएँ

ऐसे मामलों में हम “अप्रमाणित” या “अब तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक” जैसी स्पष्ट भाषा का उपयोग करते हैं, ताकि पाठक भ्रमित न हों।

10. Fact Check टीम और आचार संहिता

  • Fact Check करने वाली टीम पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों – सत्य, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी – के प्रति प्रतिबद्ध है।
  • टीम के सदस्य
  • किसी भी पार्टी/गुट से Fact Check के बदले लाभ, उपहार या प्रोत्साहन नहीं लेते
  • किसी व्यक्तिगत/राजनीतिक झुकाव को काम पर हावी नहीं होने देते (यह हमारी आंतरिक आचार संहिता का हिस्सा है)

जहाँ संभव हो, हम टीम के काम को खुला और ऑडिट–योग्य (जांच–योग्य) बनाने की कोशिश करते हैं।

11. नीति में बदलाव

समय के साथ

  • फेक न्यूज़ के तरीके बदलते हैं,
  • तकनीक और टूल्स बदलते हैं,
  • पाठकों की ज़रूरतें भी बदलती हैं।

इन्हीं आधारों पर हम अपनी Fact Check Policy को समय–समय पर अपडेट कर सकते हैं।
अपडेटेड नीति हमेशा इसी पेज पर उपलब्ध रहेगी और Fact Check कंटेंट का उपयोग जारी रखना यह दर्शाएगा कि आप इन अद्यतन सिद्धांतों से अवगत हैं।

12. आपके साथ मिलकर झूठ से मुकाबला

Ranchi Darpan मानता है कि फेक न्यूज़ के खिलाफ लड़ाई केवल मीडिया की नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक की भी जिम्मेदारी है।

  • आप सवाल पूछते हैं – तो झूठ कमज़ोर होता है
  • आप स्रोत मांगते हैं – तो अफवाहें धीमी पड़ती हैं
  • आप Fact Check पढ़ते और शेयर करते हैं – तो सच मजबूत होता है

अगर आप भी इस प्रयास का हिस्सा बनना चाहते हैं, संदिग्ध जानकारी हमें भेजना चाहते हैं या हमारी Fact Check प्रक्रिया पर सुझाव देना चाहते हैं, तो बेझिझक हमसे संपर्क करें

झूठ जितना भी तेज़ भागे, सच और जांच के कदम मिलकर उसे पकड़ ही लेते हैं। Ranchi Darpan इस सफ़र में आपके साथ है।