पत्रकार मुकेश भारतीय के आवासीय कार्यालय पर बमबाजी, पांचवे दिन जायजा लेने पहुंचे थानेदार!
मुकेश भारतीय के आवासीय कार्यालय पर बमबाजी: 5वें दिन थानेदार ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाले

ओरमांझी (रांची दर्पण)। रांची जिले के ओरमांझी में वरिष्ठ पत्रकार एवं एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क के संचालक-संपादक मुकेश भारतीय के आवासीय कार्यालय परिसर में हुई बमबाजी की घटना के चार दिन बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गुरुवार, 5 नवंबर को ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार सिन्हा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने परिसर सहित आसपास के प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की।
1 नवंबर की रात कार सवार बदमाशों ने की थी बमबाजी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 1 नवंबर की रात करीब 10:45 बजे अज्ञात कार सवार लोगों ने ओरमांझी स्थित एनएच-33 फोरलेन के किनारे मुकेश भारतीय के आवासीय सह कार्यालय परिसर को निशाना बनाया था। घटना के समय मुकेश भारतीय घर में ही मौजूद थे।
अचानक हुए धमाके से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घटना के बाद से ही हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
आवासीय परिसर और नव होंडा शोरूम के सीसीटीवी फुटेज की जांच
घटनास्थल पर पहुंचे थाना प्रभारी मनोज कुमार सिन्हा ने पत्रकार के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने आवासीय कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की।
पुलिस ने पास में स्थित पूर्व सांसद रामटहल चौधरी के भवन में संचालित नव होंडा शोरूम के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। माना जा रहा है कि आसपास के कैमरों में संदिग्ध कार की आवाजाही या हमलावरों से संबंधित महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
थाना प्रभारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने पत्रकार के परिजनों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त भी किया।
ग्रामीण एसपी से बातचीत के बाद पुलिस की सक्रियता
घटना के बाद शुरुआती दिनों में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसी क्रम में गुरुवार सुबह पत्रकार मुकेश भारतीय ने रांची के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से सीधे संपर्क कर मामले की गंभीरता और स्थानीय पुलिस की अब तक की कार्यशैली पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
बताया जाता है कि ग्रामीण एसपी से बातचीत के बाद ओरमांझी पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की प्रक्रिया तेज की। घटना के चार दिन बाद थाना प्रभारी का खुद मौके पर पहुंचना अब मामले की जांच में पुलिस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
खोजी पत्रकारिता और जमीन विवाद से हमले के संभावित तार?
मुकेश भारतीय लंबे समय से खोजी पत्रकारिता के माध्यम से भ्रष्टाचार, कथित जमीन घोटालों और भू-माफियाओं से जुड़े मामलों को उठाते रहे हैं। रांची जिले के जमीन विवाद सहित कई गंभीर प्रशासनिक एवं कानूनी मामलों में भी उनकी सक्रियता रही है।
ऐसे में इस बमबाजी की घटना को उनकी पत्रकारिता और पूर्व में उठाए गए विवादित मामलों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, हमले के पीछे किसी व्यक्ति, समूह या विशेष विवाद की संलिप्तता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस जांच में ही हमले के वास्तविक कारणों और साजिश में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
पत्रकार की सुरक्षा और पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी निगाहें
किसी पत्रकार के आवासीय कार्यालय को निशाना बनाकर की गई ऐसी घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर तब, जब घटना के बाद शुरुआती चार दिनों तक पुलिस की सक्रिय कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। अब देखना होगा कि जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और इस घटना को अंजाम देने वाले लोग कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं।





