ओरमांझी (रांची दर्पण)। राजधानी रांची क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच देर रात पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इरबा मदरसा मोहल्ला में छापेमारी कर चार पिकअप वैन के साथ 41 गोवंशीय पशुओं को जब्त किया।
हालांकि पुलिस की गाड़ी पहुंचते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इस मामले में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इरबा मदरसा मोहल्ला में पुलिस की कार्रवाई, 41 गोवंशीय पशु बरामदः पुलिस के अनुसार देर रात सूचना मिली थी कि इरबा मदरसा मोहल्ला क्षेत्र में कुछ लोग बड़ी संख्या में मवेशियों को पिकअप वैन में लोड कर रहे हैं और उन्हें राज्य से बाहर भेजने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस वाहन देखते ही तस्कर वहां से भाग खड़े हुए।
छापेमारी के दौरान चार पिकअप वाहनों से कुल 41 गोवंशीय पशु बरामद किए गए। पुलिस ने सभी वाहनों और मवेशियों को जब्त कर लिया है। बरामद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनके देखभाल की व्यवस्था की जा रही है।
कई नामजद तस्करों के खिलाफ मामला दर्जः इस मामले में पुलिस ने तस्करी में संलिप्त कई आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें नौशाद अंसारी, खेताब अंसारी, गुड्डू अंसारी (तीनों ग्राम इरबा), चरका अंसारी, बबलू अंसारी, क्यूम अंसारी (तीनों ग्राम कामता थाना ओरमांझी), साबीर अंसारी (ग्राम परहेपाट थाना रातू) तथा रशीद अंसारी (ग्राम उरुगुटू थाना ठाकुरगांव, जिला रांची) शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
सीमावर्ती राज्यों तक फैला है तस्करी का नेटवर्कः स्थानीय सूत्रों के अनुसार रांची जिले के आसपास के ग्रामीण इलाकों से मवेशियों को चोरी-छिपे एकत्र कर पिकअप वाहनों के माध्यम से पश्चिम बंगाल भेजने की कोशिश की जाती है। तस्कर अक्सर रात के समय सुनसान रास्तों का इस्तेमाल करते हैं ताकि पुलिस की नजर से बच सकें।
पिछले कुछ महीनों में भी पुलिस ने कई बार मवेशी तस्करी के मामलों का खुलासा किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है।
पुलिस ने बढ़ाई निगरानीः ओरमांझी थाना पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में मवेशी तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर गश्त तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में बढ़ी सतर्कताः इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन का मानना है कि स्थानीय लोगों की सूचना और पुलिस की सक्रियता से ही इस तरह के अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस जब्त किए गए वाहनों के मालिकों और तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर संचालित हो रहा था। स्रोतः मीडिया रिपोर्टस्




