रांची दर्पण डेस्क। झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसकी शुरुआत राज्य के सबसे बड़े और प्रमुख अस्पताल रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) रांची से की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य सरकारी अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
अब तक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए झारखंड के मरीजों को दूसरे राज्यों या महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। रिम्स में यह सेवा शुरू होने से खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 9 जनवरी को एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलायी है। बैठक सुबह 11:30 बजे से होगी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव ध्रुव प्रसाद ने संबंधित विभागों को पत्र (पत्रांक 1-13) जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
बैठक के बाद रिम्स के साथ-साथ निजी क्षेत्र के राज हॉस्पिटल को भी किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने के लिए पंजीकरण और लाइसेंस प्रदान किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे राज्य में अंग प्रत्यारोपण की सुविधाओं का दायरा और व्यापक होगा।
स्वास्थ्य विभाग की तय प्रक्रिया के अनुसार, किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति देने से पहले निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाता है। यह समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण करती है और वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षित फैकल्टी, नेफ्रोलॉजी व यूरोलॉजी सेवाओं के साथ-साथ ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और अन्य जरूरी संसाधनों का गहन मूल्यांकन करती है। निरीक्षण के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सौंपती है, जिसके आधार पर ट्रांसप्लांट की अंतिम अनुमति दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होना झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती देगा। यह पहल न केवल मरीजों की जान बचाने में सहायक होगी, बल्कि राज्य को उन्नत चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाएगी।








