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बदहाल सरकारः डीपीआर में ही उलझी रांची आउटर रिंग रोड योजना

रांची दर्पण डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची के लिए प्रस्तावित रांची आउटर रिंग रोड परियोजना करीब दो साल से अटकी हुई है। अभी तक इसका डीपीआर ही तैयार हो रहा है। एलाइनमेंट तय करके डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई हुई है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो सका है।

केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री ने वर्ष 2023 में ही इसके निर्माण की घोषणा की थी। फिर वर्ष 2024 में मंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 6000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। साथ ही डीपीआर जल्द तैयार करने को भी कहा गया था। इसके बाद से अब तक योजना फंसी हुई है।

कहा जाता है कि राज्य सरकार ने केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री के समक्ष आउटर रिंग रोड का प्रस्ताव रखा था। इसे यातायात के ख्याल से काफी उपयोगी बताया गया था। केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद इसका एलाइनमेंट तय किया गया।

इस एलाइनमेंट के तहत एनएच 33 ( रांची-रामगढ़ मार्ग) में पुंदाग टोल प्लाजा के निकट से निर्माण का एलाइनमेंट तय किया गया, जो आगे चलकर एनएच 75 (रांची-कुडू मार्ग) पर मांडर में उकरीद तक जायेगा। फिर यहां से एनएच 23 (रांची-गुमला मार्ग) में इटकी तक जायेगा।

इसके बाद एनएच 23 को एनएच 75 एक्सटेंशन (रांची-चाईबासा मार्ग) से जोड़ने के लिए इटकी से कालामाटी तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव है। इस तरह कालामाटी से एनएच 33 ( रांची-टाटा मार्ग) को जोड़ते आगे अनगड़ा होते हुए वापस पुंदाग टोल प्लाजा (रांची-रामगढ़ मार्ग) तक निर्माण कराना है। कुल 195 किमी सड़क निर्माण के लिए प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस एलाइनमेंट के तहत अब चरणवार डीपीआर तैयार कराना है। इसकी जिम्मेदारी गुरुग्राम की कंपनी को दी गयी है।

Ranchi Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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