
रांची दर्पण डेस्क। कांके स्थित केंद्रीय मनः चिकित्सा संस्थान (CIP) में शुक्रवार की रात से 156 निजी सुरक्षाकर्मियों को हटाने की कार्रवाई की गई। यह कदम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश पर उठाया गया है। अब संस्थान की सुरक्षा का जिम्मा झारखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए होमगार्ड और स्पेशल आईपी (सैप) के जवान संभालेंगे।
झारखंड सरकार ने इस दिशा में 71 होमगार्ड और 57 सैप कर्मियों को कांके स्थित संस्थान में तैनात किया है। पलामू, लोहरदगा और गुमला से होमगार्ड जवान पहले ही सीआइपी पहुंच चुके हैं।
निजी सुरक्षा कर्मियों में शामिल महिला और पुरुष दिनभर सीआइपी प्रशासन से अपनी नौकरी बनाए रखने की गुहार लगाते रहे। कई सुरक्षाकर्मी सांसद और विधायक से भी मिलना चाहते थे, लेकिन उनसे कोई मुलाकात नहीं हो सकी। नौकरी जाने के डर से कई महिला सुरक्षाकर्मी रोते हुए दिखाई दीं।
मालूम हो कि सांसद दीपक प्रकाश ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर निजी सुरक्षा कर्मियों को हटाने से रोकने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद 30 जनवरी की रात नौ बजे से सभी कर्मियों को हटाया गया।
सीआइपी प्रशासन के पत्र के अनुसार, सुरक्षा एजेंसी आईएसआई का संविदा अनुबंध 31 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुका था। मंत्रालय की स्वीकृति पर इसे अस्थायी रूप से छह माह के लिए बढ़ाया गया था।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि आउटसोर्स सुरक्षा एजेंसी का अनुबंध 1 अगस्त 2025 से 31 जनवरी 2026 तक या होमगार्ड की तैनाती तक (जो पहले हो) मान्य होगा। इसी शर्त के तहत एजेंसी की सुरक्षा सेवाओं को 30 जनवरी 2026 की रात नौ बजे समाप्त कर दिया गया।
निदेशक ने एजेंसी के प्रमुख को निर्देश दिया है कि सभी सुरक्षा कर्मियों को संस्थान की सामग्री, दस्तावेज और अन्य जिम्मेदारियां विधिवत सौंपते हुए हटाया जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि यदि कोई कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
रांची दर्पण डेस्क के लिए कांके से सूरज कुमार की रिपोर्ट










