फीचर्ड

पुलिस-प्रशासन ने किसकी घंटी बजते ही कुछ ही घंटे में शहर से उतार दिए उपद्रवियों के पोस्टर?

रांची दर्पण डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची में जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार की हिंसा से जुड़े उपद्रवकारियों के पोस्टर लगाने के बाद कुछ ही घंटे में उतार दिया गया।

जिला प्रशासन की तरफ से जाकिर हुसैन पार्क के पास उपद्रवियों का पोस्टर लगाने का काम शाम चार बजे के बाद लगाना शुरू किया गया था।

इसके बाद एक फोन की घंटी बजी और लग रहे पोस्टरों को उतार लिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टर संशोधन के लिए उतारा गया है।

राजनीतिक हलकों में इससे खलबली मच गयी, और काफी गहमागहमी शुरू हो गयी। पूरे प्रशासनिक महकमे में यह चर्चा का विषय हो गया है कि आखिर किसके कहने पर पोस्टर हटाये गये।

मालूम हो कि राज्यपाल रमेश बैस ने सोमवार 13 जून को राज्य के डीजीपी, एडीजीपी, रांची के उपायुक्त और एसएसपी को बुलाकर यह पूछा था कि क्यों हिंसा हुई।

इसके अलावा उन्होंने उपद्रवियों का पोस्टर जारी करने का निर्देश दिया था। इसके 24 घंटे बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई भी की। लेकिन न जाने ‘किसकी’ फोन की घंटी से सारे पोस्टर उतार दिए गए।

Ranchi Darpan

वरीय पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। उनका उद्देश्य ताज़ा खबरें, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक ईमानदारी से पहुँचाना है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित राँची दर्पण (Ranchi Darpan) के माध्यम से वे राजधानी राँची और उसके आसपास से जुड़ी स्थानीय खबरें, प्रशासनिक मुद्दे एवं राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।