मांडर में सड़क घोटाला, बिना मिट्टी-मोरम कार्य किए हुई फर्जी निकासी

मांडर(राँची दर्पण रिपोर्टर)। मांडर प्रखंड के बिसाहाखटंगा पंचायत अंतर्गत नवाटांड़ गांव में मनरेगा से स्वीकृत मिट्टी-मोरम के एक सड़क में काम के नाम पर लीपापोती कर 3.6 लाख रुपये की निकासी कर लेने का मामला प्रकाश में आया है। इससे नाराज ग्रामीणों ने मामले की जांच को लेकर स्थानीय विधायक एवं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से मिलने और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों के अनुसार 2024 के फरवरी माह में नवाटांड़ गांव में ईदगाह से नदी तक जानेवाली कच्ची सड़क में मनरेगा से मिट्टी मोरम का कार्य स्वीकृत हुआ था। जिसकी प्राक्कलित राशि 4.36 लाख रुपये थी। गांव के इस बहुपयोगी सड़क पर जहां-तहां गड्ढों की भरमार होने के चलते थोड़ी बारिश होने पर इसमें अवागमन मुश्किल होता था।

इस सड़क पर शुरू में कहीं-कहीं पर कुछ ट्रैक्टर मिट्टी और मोरम गिराया गया। सड़क को समतल भी कराया गया था। लेकिन बाद में सड़क को जस का तस छोड़ दिया गया। सड़क अब भी पहले की तरह ही उबड़-खाबड़ है और गड्ढों से भरा है और कुछेक जगह को छोड़ कहीं पर मोरम गिराने का निशान नहीं है।

ग्रामीणों ने बताया कि इधर एक सप्ताह पूर्व उन्हें जानकारी मिली की ईदगाह से नदी तक के इस मिट्टी मोरम सड़क में मजदूरी मद में 1.39 लाख रुपये की निकासी कर ली गयी है। मेटेरियल मद में किसी जीएस कंपनी को दो बार में 83 हजार 500 रुपये के हिसाब से 1 लाख 67 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से बगैर काम के ही राशि निकासी की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

बिसाहाखटंगा पंचायत के मुखिया संतोष किस्पोट्टा ने कहा कि बगैर काम पूरा किये ही मनरेगा की राशि की निकासी की जांच करायी जायेगी। दोषी पाये जानेपर संबंधित लोगों से निकासी की गयी राशि की रिकवरी की जायेगी। साथ ही न्यायसंगत कार्रवाई भी की जायेगी।

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