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आईटी पार्क से बदलेगी रांची की तस्वीर, एचईसी की जमीन से शुरू हुआ सपना

रांची दर्पण डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची अब सिर्फ प्रशासनिक, शैक्षणिक और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं जानी जाएगी, बल्कि जल्द ही यह देश के उभरते सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों में अपना नाम दर्ज कराने जा रही है।

राज्य सरकार ने रांची को आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। एचईसी फेज-2 क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक आईटी पार्क के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग ने आईटी पार्क के लिए कंसल्टेंट/एजेंसी के चयन की निविदा जारी कर दी है। चयनित कंसल्टेंट आईटी पार्क का मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, ग्रीन एनर्जी, स्मार्ट ऑफिस स्पेस और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में आईटी पार्कः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस परियोजना को राज्य के भविष्य से जोड़ते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री का मानना है कि आईटी सेक्टर झारखंड के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब झारखंड के युवाओं को रोजगार के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद या पुणे जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। रांची में ही वैश्विक स्तर की आईटी कंपनियां आएंगी और स्थानीय युवा अपने घर-परिवार के बीच रहकर अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे।

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगारः प्रस्तावित आईटी पार्क से राज्य में आईटी और टेक सेक्टर का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस परियोजना से करीब 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से इससे होटल, ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट, रिटेल, फूड इंडस्ट्री और अन्य सहायक क्षेत्रों में लाखों लोगों को लाभ पहुंचेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि एक आईटी पार्क केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को बदलने की क्षमता रखता है।

देश के सफल मॉडलों से ली जाएगी प्रेरणाः रांची में बनने वाला आईटी पार्क देश के प्रमुख और सफल आईटी हब्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

सरकार बेंगलुरु (सिलिकॉन वैली ऑफ इंडिया), हैदराबाद (साइबराबाद), पुणे (राजीव गांधी इंफोटेक पार्क, हिंजेवाड़ी), चेन्नई (टीआईडीईएल पार्क), नोएडा-गुरुग्राम, कोलकाता के सॉल्ट लेक सेक्टर-5 और केरल के टेक्नोपार्क जैसे मॉडलों का अध्ययन कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार कर रही है।

बड़ी टेक कंपनियों से संवाद तेजः राज्य सरकार गूगल, विप्रो, इंफोसिस, टीसीएस सहित कई बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है।

हाल ही में गूगल के प्रतिनिधियों ने आईटी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रांची में आईटी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की और आवश्यक सुझाव भी दिए। इन्हीं सुझावों के अनुरूप आईटी पार्क के स्वरूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आईटी कंपनियों को रांची में वही सभी सुविधाएं और सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी, जो देश के अन्य बड़े आईटी शहरों में मिलती हैं। जैसे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क और हवाई संपर्क, आवासीय सुविधा और सुरक्षित कार्य वातावरण।

आईटी पॉलिसी-2025 से निवेश को बढ़ावाः राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आईटी पॉलिसी-2025 इस परियोजना की रीढ़ साबित होगी।

इस नीति के तहत आईटी और टेक कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन, टैक्स में छूट, आसान नियम, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे झारखंड में निवेश का माहौल और अधिक अनुकूल बनेगा।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आईटी पार्क निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य प्रगति पर है और कई मल्टीनेशनल कंपनियां झारखंड में निवेश को लेकर गंभीर रुचि दिखा चुकी हैं।

पूर्वी भारत का नया आईटी केंद्र बनने की राह पर रांचीः आईटी पार्क के निर्माण के बाद रांची के पूर्वी भारत के एक प्रमुख आईटी केंद्र के रूप में उभरने की पूरी संभावना है। यह परियोजना न केवल झारखंड के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाला स्थानीय रोजगार देगी, बल्कि राज्य को टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और डिजिटल इनोवेशन के नए नक्शे पर स्थापित करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में रांची “ग्रीन टेक सिटी” के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना सकती है, जहां विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।

Ranchi Darpan / Mukesh bhartiy

वरीय पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। उनका उद्देश्य ताज़ा खबरें, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक ईमानदारी से पहुँचाना है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित राँची दर्पण (Ranchi Darpan) के माध्यम से वे राजधानी राँची और उसके आसपास से जुड़ी स्थानीय खबरें, प्रशासनिक मुद्दे एवं राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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