रांची दर्पण डेस्क। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ईंट निर्माण की अनुमति के नाम पर रिश्वत मांगने के गंभीर मामले में चैनपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार को को गुमला से गिरफ्तार कर लिया। अशोक कुमार वर्तमान में गुमला जिला पुलिस लाइन में पदस्थापित थे।
मामले की जड़ें चैनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ी हैं, जहां एक ग्रामीण जयपाल नायक अपने घर के निर्माण के लिए ईंट बनाना चाहते थे। इसी दौरान जब यह बात तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार को पता चली तो उन्होंने कथित तौर पर ईंट निर्माण की अनुमति देने के एवज में जयपाल नायक से रिश्वत की मांग कर दी। जयपाल नायक ने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया और कानून का सहारा लेने का फैसला किया।
एसीबी से की गई लिखित शिकायतः पीड़ित जयपाल नायक ने 16 जनवरी को रांची स्थित एसीबी रांची प्रमंडल के एसपी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत के सत्यापन के बाद 20 जनवरी को एसीबी की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जब शिकायतकर्ता ने अशोक कुमार से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि उनका तबादला हो चुका है और चैनपुर में नए थाना प्रभारी के रूप में शैलेश कुमार पदस्थापित हैं।
नए थाना प्रभारी ने भी मांगी रिश्वतः जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अशोक कुमार ने नए थाना प्रभारी शैलेश कुमार से शिकायतकर्ता की मुलाकात कराई थी। आरोप है कि शैलेश कुमार ने ईंट निर्माण के एवज में कुल 30 हजार रुपये, यानी लगभग 20 प्रतिशत रिश्वत की मांग की। बाद में सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ। इसी मामले में एसीबी पहले ही शैलेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर चुकी है।
गिरफ्तारी से मचा हड़कंपः शैलेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच में अशोक कुमार की भूमिका भी स्पष्ट हुई, जिसके आधार पर एसीबी ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है और यदि इसमें किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत : मीडिया रिपोर्ट / मुकेश भारतीय
