“समय रहते यदि ओरमांझी ब्लॉक चौक की इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह क्षेत्र आने वाले दिनों में और गंभीर समस्याओं का केंद्र बन सकता है…
रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची के ओरमांझी ब्लॉक चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (पूर्व में एनएच-33) किनारे स्थित एनएच की अधिकृत जर्जर भवन के कोने में संचालित वाइन शॉप ने स्थानीय प्रशासन और व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खास बात यह है कि जिस स्थान पर यह दुकान संचालित हो रही है, वहां ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया जारी है, जिससे यह क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील और निर्माणाधीन ज़ोन में आता है।
ओरमांझी ब्लॉक चौक के पास एनएच-33 (अब एनएच-20 फोर लेन) किनारे क्या एनएच की अधिकृत जमीन पर, जिसपर ओवर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया जारी है। उस भूमि के एक जीर्ण-शीर्ण मकान-मार्केट के कोने में एक शराब की दुकान खोली गई है।
यह वाइन शॉप सरकारी अनुज्ञप्ति धारी है या अवैध तरीके से चलाई जा रही है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। आखिर यहां शराब की दुकान किसने किसके आदेश से खोली है, स्थानीय स्तर पर इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही है। इस शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों में काफी क्षोभ देखा जा रहा है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसे संवेदनशील स्थान पर किस नियम औऱ नीति के तहत शराब की दुकान खोली गई है। यहां देर रात करीब 12 बजे तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। शराबी शराब सेवन के बाद खाली बोतलें सड़क पर ही फेंक डालते हैं। जिससे वाहनों पर भी खतरा बना रहता है।
शराब के कांच के बोतलों के टुकड़े से लोगों का पैदल चलना भी दुभर हो रहा है। जबकि चौक इलाका शाम 8 बजे के बाद आम तौर पर सुनसान हो जाता है। यहां रह जाता है तो सिर्फ असमाजिक शराबियों की टोली।
उपलब्ध ताजा तस्वीरों में स्पष्ट दिखता है कि एक पुराना, क्षतिग्रस्त भवन- जिसकी दीवारें टूटी हुई हैं और संरचना अस्थिर प्रतीत होती है। उसी के निचले हिस्से में “WINE SHOP” का साइनबोर्ड लगाकर दुकान संचालित की जा रही है। आसपास निर्माण सामग्री, गिट्टी-बालू के ढेर और कच्ची सड़क जैसी स्थिति यह दर्शाती है कि यह इलाका अभी व्यवस्थित व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है।
ओवरब्रिज निर्माण क्षेत्र में दुकानः जिस स्थान पर यह दुकान है, वहां ओवरब्रिज निर्माण का कार्य होना है। ऐसे में भारी वाहन, निर्माण सामग्री और अस्थायी रास्तों के बीच शराब की दुकान का संचालन कई दृष्टियों से खतरनाक है। शराब पीकर वाहन चलाने की आशंका, कांच की बोतलों से सड़क पर खतरा और निर्माण कार्य में बाधा जैसे पहलू सामने आते हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोशः ग्रामीणों और आसपास के लोगों में इस वाइन शॉप को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और इससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। महिलाएं और आम राहगीर इस रास्ते से गुजरने में असहज महसूस करते हैं।
नियम और नीति पर सवालः राज्य में शराब दुकानों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम हैं। संवेदनशील स्थानों और सार्वजनिक उपयोग के क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसे में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग और ओवरब्रिज निर्माण स्थल पर दुकान खोलना नियमों के अनुरूप है या नहीं, यह जांच का विषय बन गया है।
प्रशासन की चुप्पी क्यों? इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे लोगों के बीच असंतोष और संदेह दोनों बढ़ रहे हैं। क्योंकि ओरमांझी चौक का यह मामला केवल एक संदिग्ध शराब दुकान का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, सुरक्षा मानकों और शहरी नियोजन की खामियों का प्रतीक बनता जा रहा है।


