
रांची दर्पण डेस्क। खूंटी पुलिस ने चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड का बड़ा खुलासा करते हुए दो शूटर सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे लंबे समय से चला आ रहा जमीन विवाद मुख्य वजह बनकर सामने आया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को उनके घरों से पकड़ा गया है तथा उनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?
पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें दानियल सांगा (मुंडा चलागी निवासी), सुमित दगल (मुख्य शूटर), मारकुस सांगा (सह-शूटर), रोशन मिचयाड़ी (बिरहू सरई टीकरा निवासी), संदीप खलखो (कपरिया निवासी), संतोष दगल सांड (मुंडा चलागी निवासी) शामिल हैं।
एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस वार्ता में बताया कि सुमित दगल और मारकुस सांगा ने ही गोली चलायी थी, जिसमें सुमित मुख्य शूटर था। संतोष और सुमित, मुख्य आरोपी दानियल सांगा के भतीजे बताए जा रहे हैं।
हथियार और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त बाइक और कार, रेकी के लिए इस्तेमाल की गई एनएस पल्सर बाइक सहित अन्य सामान जब्त किया है।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
एसपी के अनुसार, मुंडा चलागी में सोमा मुंडा के घर और स्कूल के पास करीब 14 डिसमिल जमीन को लेकर दानियल सांगा का 10-12 वर्षों से विवाद चल रहा था। सोमा मुंडा उस जमीन पर निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे थे, जिससे दानियल और उसका परिवार नाराज था।
इसी दौरान कथित तौर पर कुछ जमीन कारोबारी भी सोमा मुंडा से असंतुष्ट थे। नवंबर-दिसंबर 2025 में जियरप्पा क्षेत्र की 30-32 एकड़ खाली जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ा। एक जमीन से शिलापट्ट हटाने के बाद सोमा मुंडा ने दिसंबर 2025 में पड़ा समाज की बैठक बुलायी और 3 जनवरी को दोबारा शिलापट्ट गाड़ने का निर्णय लिया। पुलिस का दावा है कि इसी के बाद हत्या की साजिश रची गई।
50 हजार में सुपारी की पेशकश
पुलिस जांच के मुताबिक, दानियल सांगा ने मारकुस सांगा को हत्या के लिए 25 हजार रुपये देने की बात कही। जबकि जमीन कारोबारियों की ओर से भी 25 हजार रुपये दिलाने का आश्वासन दिया गया।
मारकुस को सोमा मुंडा ने वर्ष 2022 में अपने स्कूल से निकाल दिया था, जिससे वह पहले से नाराज था। सुमित दगल को नंबर प्लेट बदली हुई पल्सर बाइक और हथियार उपलब्ध कराए गए।
हत्या की वारदात
7 जनवरी को सोमा मुंडा के खूंटी जाने की जानकारी मिलने के बाद, सुमित और मारकुस ने कथित तौर पर जमुआदाग के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार रोशन मिचयाड़ी को पिपराटोली के पास निगरानी के लिए तैनात किया गया था।
पुलिस परेड और शहर में हलचल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी छह आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए खूंटी थाना से शहर के मुख्य मार्ग तक ले जाया। आरोपियों को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस हत्याकांड में इससे पहले आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि मामले में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आयी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जमीन विवाद, आपसी रंजिश और कथित साजिश के एंगल से आगे की जांच कर रही है।
रांची दर्पण डेस्क के लिए मुकेश भारतीय की रिपोर्ट










