भगवान बिरसा जैविक उद्यान में प्राणी आदान-प्रदान प्रक्रिया के तहत आए नये मेहमान

रांची दर्पण डेस्क। भगवान बिरसा जैविक उद्यान चकला ओरमांझी में नये मेहमान लाए गए हैं। इंदिरा गांधी जैविक उद्यान, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के साथ वन्यजीव आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत दोनों ही चिड़ियाघरों में जानवरों का आदान-प्रदान किया गया है। यह प्रक्रिया केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के दिशा- निर्देशों और निर्धारित मानकों के तहत सुरक्षित रूप से पूरी की गयी है।
कार्यक्रम के तहत रांची से हिमालयन काला भालू, स्पॉटेड डव, सिल्वर तीतर, घड़ियाल को विशाखापट्टनम भेजा गया है। वहीं विशाखापट्टनम से वाइल्ड डॉग (डोल), काला हंस, ग्रे पेलिकन, मॉनिटर लिजर्ड, एलेक्जेंड्रीन पाराकीट, बार्न आउ को रांची लाया गया है। अगले कुछ दिन इन वन्यजीवों की क्वारंटीन में रखा जायेगा। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद उनके लिए निर्धारित एनक्लोजर में प्रदर्शित किया जायेगा।
भगवान बिरसा जैविक उद्यान के निदेशक जब्बर सिंह ने बताया कि आदान-प्रदान कार्यक्रम से रांची स्थित उद्यान में प्रजातियों की विविधता और आकर्षण में वृद्धि होगी। संरक्षण एवं संवर्धन प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उद्यान में नयी प्रजातियों का आगमन जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस आदान- प्रदान कार्यक्रम का उद्देश्य प्रजातियों की संख्या बढ़ाना, आनुवंशिक संतुलन को मजबूत करना और लुप्तप्राय जीवों के संरक्षण में सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सहयोगात्मक कार्यक्रम देश के अलग-अलग जैविक उद्यानों के बीच अनुसंधान, प्रजनन प्रबंधन, प्रजाति संरक्षण और वन्यजीव जागरूकता को मजबूत बनाते हैं।
प्राणी आदान-प्रदान प्रक्रिया के दौरान सहायक वन संरक्षक अशोक कुमार सिंह, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ओमप्रकाश साहू, वनक्षेत्र पदाधिकारी गायत्री देवी, वरिष्ठ जीव वैज्ञानिक विवेकानंद कुमार, वनरक्षी राकेश, शशि भूषण, मुकेश कुमार, मनीता कच्छप सहित पशुपालन टीम और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।









