रांची दर्पण डेस्क। रांची शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली हरमू नदी को फिर से सांस देने के लिए रांची नगर निगम ने शनिवार से विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। यह अभियान हरमू मुक्तिधाम और कडरू स्थित रेडिसन ब्लू क्षेत्र में एक साथ चलाया गया, जहां सुबह से शाम तक चले व्यापक अभियान में नदी और उसके आसपास वर्षों से जमे कचरे को हटाया गया।
इस विशेष अभियान में करीब 200 सफाईकर्मी जुटे रहे। हरमू मुक्तिधाम क्षेत्र से लगभग 20 ट्रैक्टर, जबकि कडरू रेडिसन ब्लू क्षेत्र से करीब 32 ट्रैक्टर कचरा निकाला गया। नदी से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पुराने कपड़े, ठोस अपशिष्ट और गाद बाहर निकाली गई, जिसने हरमू नदी की बदहाली की तस्वीर साफ कर दी।
सफाई अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने आधुनिक संसाधनों का भरपूर उपयोग किया। 12 ट्रैक्टर, दो जेसीबी, तीन स्किड लोडर, सुपर सकर, हाई प्रेशर वाटर गन समेत कई मशीनें लगाई गईं। सफाईकर्मी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जूते, मास्क और ग्लब्स पहने नजर आए। नदी के दोनों किनारों पर पेड़ों की छंटाई, सड़कों की सफाई और कीटाणुनाशक के रूप में ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया गया।
अभियान के दौरान नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों के साथ सफाई कार्यों का स्थल निरीक्षण किया और मशीनों व मानव संसाधनों के समन्वय से चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अपर प्रशासक संजय कुमार, उप प्रशासक रवींद्र कुमार और उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी रांची शहर की एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। इसका संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि नदी में किसी भी प्रकार का कचरा, गंदा पानी या अपशिष्ट न डालें और नदी संरक्षण में नगर निगम का सहयोग करें।
प्रशासक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हरमू नदी में ठोस या तरल अपशिष्ट प्रवाहित करने वालों के खिलाफ झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही नदी किनारे स्थित अवैध अतिक्रमण और अवैध खटालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरंतर और सघन अभियान चलाने के आदेश दिए गए।
हरमू नदी के दीर्घकालीन संरक्षण को लेकर नगर निगम ने युद्धस्तर पर कार्य करने की रणनीति अपनाई है। वर्षों से जमी गाद और अपशिष्ट हटाने के लिए निगम के सभी संसाधनों के उपयोग का निर्देश दिया गया है।
तटीय क्षेत्रों में पूर्ण सफाई, ग्रास कटिंग, आकर्षक पेंटिंग, नदी की दीवारों और तटीय पट्टी में पौधारोपण जैसे कार्यों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके साथ ही सफाई अभियान को निरंतर चलाते हुए गंदगी फैलाने वालों के प्रति “शून्य सहनशीलता” की नीति अपनाने की बात कही गई है।








