
खूंटी (रांची दर्पण)। खूंटी थाना क्षेत्र के जमुवादाग के पास संगा पड़हा राजा एवं सामाजिक नेता सोमा मुंडा (60) की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में आक्रोश फैल गया है।
घटना के विरोध में आदिवासी समन्वय समिति और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने खूंटी बंद का आह्वान किया है। बंद को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हुटार चलागी गांव निवासी सोमा मुंडा अपनी पत्नी अमृता तिक के साथ स्कूल से जुड़े कार्य के सिलसिले में बुधवार को खूंटी आए थे। शाम के समय दोनों बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जमुवादाग के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक किया और नजदीक से गोली चला दी। गोली लगते ही सोमा मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल शहर के केएस गंगा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। खूंटी थाना पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संभावित इलाकों में छापेमारी भी तेज कर दी गई है।
एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है।
सोमा मुंडा संगा पड़हा व्यवस्था के अंतर्गत एटेल संगा पड़हा राजा थे और क्षेत्र में एक सशक्त सामाजिक पहचान रखते थे। वे अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी थे।
इसके अलावा उन्होंने हुटार चलागी गांव में बिरसा उच्च विद्यालय की स्थापना की थी, जहां वे स्वयं प्रधानाध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। शिक्षा, समाज और आदिवासी अधिकारों के मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका रही। वे विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे।
उनकी हत्या की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में समर्थकों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। हर वर्ग के लोगों ने इस घटना पर शोक और आक्रोश व्यक्त किया। आदिवासी संगठनों ने इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
गुरुवार को आहूत खूंटी बंद का असर बाजार, यातायात और शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है।
वहीं जिले भर में शोक का माहौल है और लोग मृदुभाषी, शिक्षाप्रेमी और सामाजिक रूप से सक्रिय नेता को खो देने का दुख जता रहे हैं।







