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रांची की रफ्तार को पंख: इन मेगा परियोजनाओं से बदलेगी राजधानी की सूरत

रांची ट्रैफिक सुधार परियोजनाएं

रांची दर्पण डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची जल्द ही आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे की नई पहचान के साथ नजर आने वाली है। शहर की लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने 2500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वाकांक्षी यातायात परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है।

इन परियोजनाओं में डबल डेकर फ्लाइओवर, कई नए फ्लाइओवर, भूमिगत टनल, 10 लेन की स्मार्ट सड़क और इनर रिंग रोड के विभिन्न चरण शामिल हैं। लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी कर ली जाएं, जिससे रांची की ट्रैफिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।

एनएच-33 पर डबल डेकर फ्लाइओवर और रामपुर में टनलः रांची के व्यस्त एनएच-33 क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए डबल डेकर फ्लाइओवर का निर्माण शुरू होने जा रहा है। साथ ही रामपुर में अंडरग्राउंड टनल भी बनाई जाएगी। करीब 165 करोड़ रुपये की इस परियोजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। यह कदम जमशेदपुर-रांची मार्ग पर जाम की समस्या को काफी हद तक कम करेगा।

कांटाटोली-सिरमटोली को जोड़ेगा कनेक्टिंग फ्लाइओवरः कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाइओवर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 213 करोड़ रुपये की लागत से कनेक्टिंग फ्लाइओवर का निर्माण कार्य जारी है। जुलाई 2026 तक इसे पूरा करने की उम्मीद है। इससे शहर के मध्य भाग में यातायात का प्रवाह सुगम होगा।

हरमू फ्लाइओवर का जल्द टेंडरः हरमू क्षेत्र में प्रस्तावित 326 करोड़ रुपये की लागत वाला फ्लाइओवर जल्द ही टेंडर प्रक्रिया में जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे भी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। हरमू चौक और आसपास के इलाकों में यह परियोजना ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत देगी।

अरगोड़ा-चापूटोली फ्लाइओवर और राउंडअबाउटः अरगोड़ा चौक से चापूटोली तक 220 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाइओवर निर्माण की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। यहां आधुनिक राउंडअबाउट भी विकसित किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू होगा।

करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवरः करीब 391 करोड़ रुपये की लागत से करमटोली चौक से चिरौंदी तक फ्लाइओवर निर्माण की योजना स्वीकृत हो चुकी है। प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही काम शुरू होगा। यह परियोजना उत्तर रांची के यातायात को नई दिशा देगी।

10 लेन की स्मार्ट सड़क, नई रांची का मॉडलः ओल्ड विधानसभा से नयासराय के आगे रिंग रोड तक 301 करोड़ रुपये की लागत से 10 लेन की स्मार्ट सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिसमें बेहतर ड्रेनेज, स्मार्ट लाइटिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल होंगे। टेंडर के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

इनर रिंग रोड के कई चरणों पर काम जारीः इनर रिंग रोड के विभिन्न चरणों पर तेजी से काम चल रहा है। जैसे- पंडरा से कांके रोड (252 करोड़), चिरौंदी से बड़गाईं (141 करोड़), डीएवी पुंदाग से डीएवी हेहल (101 करोड़)।

इसके अलावा झिरगा टोली से चिरौंदी, खेलगांव से दुर्गा सोरेन चौक (158 करोड़) और धुर्वा गोल चक्कर से डीएवी पुंदाग तक के चरणों को भी स्वीकृति मिल चुकी है। सभी चरणों को अगले दो वर्षों में पूरा करने की उम्मीद है।

अरगोड़ा-नयासराय रोड का कायाकल्पः 141 करोड़ रुपये की लागत से अरगोड़ा से नयासराय रोड का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा। इससे दक्षिणी रांची के इलाकों में आवागमन और आसान होगा।

निर्माण के दौरान असुविधा, लेकिन भविष्य उज्ज्वलः विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद रांची में ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। हालांकि निर्माण अवधि के दौरान डायवर्जन और धीमी आवाजाही से लोगों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने ट्रैफिक प्रबंधन की वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।

कुल मिलाकर अगले दो-तीन वर्षों में रांची की तस्वीर बदलने वाली है। आधुनिक फ्लाइओवर, चौड़ी सड़कों और रिंग रोड नेटवर्क के साथ राजधानी एक नए शहरी विकास मॉडल की ओर बढ़ रही है।

समाचार स्रोत: मीडिया रिपोर्ट्स / मुकेश भारतीय

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