Home पुलिस झारखंड पुलिस की ऑनलाइन सेवा बंद, लोगों की बढ़ी मुसीबतें

झारखंड पुलिस की ऑनलाइन सेवा बंद, लोगों की बढ़ी मुसीबतें

झारखंड पुलिस की ऑनलाइन सिटिजन सर्विस

रांची दर्पण डेस्क। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं झारखंड पुलिस की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा पिछले करीब 15 दिनों से बंद पड़ी है। पुलिस मुख्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ‘सिटिजन सर्विसेस’ पोर्टल के ठप रहने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत दर्ज करने की सुविधा ठपः पुलिस मुख्यालय द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए वेबसाइट पर ‘सिटिजन सर्विसेस’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया था। इस माध्यम से कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकता था।

शिकायत दर्ज होने के बाद केस नंबर प्राप्त होता था, जिसके आधार पर संबंधित थाना और कार्रवाई की जानकारी मिलती थी। साथ ही नागरिक केस की प्रति भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते थे।

लेकिन वर्तमान में जब नागरिक ‘सिटिजन सर्विस’ पर क्लिक कर रहे हैं, तो उन्हें “साइट पहुंच से बाहर है” का संदेश दिखाई दे रहा है। इससे स्पष्ट है कि पोर्टल तकनीकी रूप से निष्क्रिय है।

चरित्र प्रमाणपत्र और सत्यापन प्रक्रिया भी प्रभावितः सिटिजन सर्विस के तहत केवल शिकायत ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध थीं। इनमें ऑनलाइन चरित्र प्रमाणपत्र के लिए आवेदन, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायकों या कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, दर्ज शिकायतों की प्रगति की ऑनलाइन जानकारी, अन्य नागरिक सेवाएं शामिल थीं।

इन सुविधाओं के बंद होने से नौकरी, पासपोर्ट, वीजा या अन्य सरकारी प्रक्रियाओं के लिए चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने वाले युवाओं को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किरायेदार और कर्मचारियों के सत्यापन में भी देरी हो रही है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं।

थानों के चक्कर लगाने को मजबूर लोगः ऑनलाइन सुविधा शुरू करने का मुख्य उद्देश्य था कि आमलोगों को थाने के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण अब नागरिकों को सीधे थाने जाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।

पुलिस मुख्यालय की चुप्पीः अब तक पुलिस मुख्यालय की ओर से इस तकनीकी समस्या को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। न तो यह बताया गया है कि पोर्टल क्यों बंद है और न ही इसे दोबारा शुरू करने की संभावित तिथि की जानकारी दी गई है।

डिजिटल सेवाओं पर निर्भरता बढ़ने के इस दौर में इतनी लंबी अवधि तक पोर्टल का ठप रहना प्रशासनिक तत्परता पर सवाल खड़े करता है। यदि तकनीकी कारण हैं, तो उसकी सार्वजनिक जानकारी और शीघ्र समाधान अपेक्षित है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवालः ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। ऐसे में इस सेवा का लंबे समय तक बंद रहना आम जनता के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।

नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस मुख्यालय से मांग की है कि पोर्टल को शीघ्र बहाल किया जाए। तकनीकी खामी के कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बैकअप सिस्टम तैयार किया जाए।

अब देखना यह है कि झारखंड पुलिस मुख्यालय इस गंभीर तकनीकी बाधा को कितनी जल्दी दूर करता है और आम नागरिकों को फिर से डिजिटल सुविधा उपलब्ध करा पाता है।

समाचार स्रोतः मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्टस्

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