रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में अवैध गैस भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक एलपीजी सिलिंडर जब्त किए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी देर रात तक चलती रही, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासनिक टीम ने साई कॉलोनी और सारा कॉलोनी (पावर हाउस क्षेत्र) में एक साथ कई स्थानों पर छापा मारा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन ठिकानों पर घरेलू और कॉमर्शियल सिलिंडरों का अवैध रूप से भंडारण किया जा रहा था। साथ ही विभिन्न गैस कंपनियों के सिलिंडरों का भी अनियमित उपयोग सामने आया है।
बड़े पैमाने पर भंडारण का खुलासाः पुलिस सूत्रों के अनुसार सारा कॉलोनी स्थित एक परिसर से करीब 125 सिलिंडर बरामद किए गए, जबकि साई कॉलोनी के अलग-अलग घरों से 75 से 80 सिलिंडर जब्त हुए। इसके अलावा एक छोटे मालवाहक वाहन से भी 20 से अधिक सिलिंडर मिले, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध परिवहन के लिए किया जा रहा था। एक अन्य मकान से 50 से 60 कॉमर्शियल सिलिंडर भी बरामद किए गए, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
रिहायशी इलाकों में अवैध कारोबार से बढ़ा खतराः अधिकारियों के मुताबिक सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में गैस सिलिंडर आवासीय क्षेत्रों में जमा किए गए थे। इससे किसी भी समय गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी सिलिंडरों का अनियमित भंडारण विस्फोट जैसी घटनाओं को जन्म दे सकता है।
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने बताया कि प्रशासन को लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। सत्यापन के बाद संयुक्त टीम बनाकर यह कार्रवाई की गई।
संयुक्त टीम ने की व्यापक जांचः इस अभियान का संचालन एसडीओ के निर्देश पर किया गया, जिसमें सिटी डीएसपी, चुटिया थाना प्रभारी समेत पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। टीम ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों, स्टॉक और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इन सिलिंडरों का उपयोग घरेलू उपभोक्ताओं के बीच अवैध तरीके से वितरण और अधिक कीमत पर बिक्री के लिए किया जा रहा था। हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
एफआईआर की तैयारी, नेटवर्क की होगी जांचः प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और आवश्यकतानुसार प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इस अवैध कारोबार में सप्लाई चेन के किन-किन स्तरों की भूमिका रही है।
बड़े रैकेट की ओर इशाराः विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिलिंडरों की बरामदगी केवल स्थानीय स्तर की गतिविधि नहीं हो सकती। इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की संभावना है, जो लंबे समय से शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन की यह कार्रवाई अवैध गैस कारोबार के खिलाफ एक सख्त संदेश मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर सामने ला सकते हैं।


