“जिला प्रशासन (रांची उपायुक्त) का मानना है कि जनता दरबार आम लोगों की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम है और इसमें आने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है…
रांची दर्पण डेस्क। आज आयोजित जनता दरबार में विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजयंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नगड़ी अंचल से जुड़े एक गंभीर मामले में एक ही प्लॉट नंबर पर दाखिल-खारिज को स्वीकृत और अस्वीकृत करने की शिकायत पर अंचल अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज जारी कर आरोप पत्र गठित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ ही आरोप गठित किया जाएगा।
इसी अंचल के एक अन्य म्यूटेशन आवेदन को लंबे समय तक लंबित रखने पर अंचल अधिकारी, सीआई एवं संबंधित कर्मचारी तीनों के खिलाफ स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। जनता दरबार में पहले भी इस मामले की शिकायत की गई थी, लेकिन समाधान नहीं होने पर यह गंभीर लापरवाही का मामला है।

शिक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा सातवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र को रिपोर्ट कार्ड की जगह ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) दिए जाने की शिकायत पर जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सुनिश्चित करने को कहा कि छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।
एक अन्य मामले में रांची निवासी द्वारा अपने देवर पर मानसिक रूप से बीमार पति के नाम पर फर्जी बैंक खाता खोलकर धोखाधड़ी एवं पुश्तैनी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया गया। इस मामले में आरोपी एक सरकारी शिक्षक है। जिसपर जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच कर आरोपी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में पहुंचे बुजुर्ग भोलाराम की पेंशन समस्या का त्वरित समाधान करते हुए पाया गया कि आधार सीडिंग नहीं होने के कारण राशि खाते में नहीं जा रही थी। एलडीएम को निर्देश देते हुए संबंधित बैंक शाखा द्वारा शीघ्र आधार सीडिंग सुनिश्चित कराने को कहा।
मंईयां सम्मान योजना के लाभ से वंचित लाभुकों की शिकायतों पर भी ने संज्ञान लेते हुए सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सोनाहातू के हीरामणि प्रसाद ने भौतिक सत्यापन के बावजूद लाभ नहीं मिलने की समस्या रखी थी।
अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर पहुंची एक छात्रा के मामले में जिसकी शिक्षिका मां का कैंसर से निधन हो चुका है, सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर नियमानुसार उचित निर्णय का आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रमाण पत्र निर्गत करने सहित अन्य मामलों पर भी संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।