मार्च में सर्दियों जैसा कुहासा! बारिश-आंधी के बाद रांची में मौसम ने ली अजीब करवट, NH-33 पर थमी रफ्तार

रांची दर्पण डेस्क। मार्च के महीने में आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार मौसम ने लोगों को चौंका दिया है। तेज बारिश, आंधी और बिजली के बाद झारखंड के कई इलाकों में अचानक घना कुहासा छा गया है। तस्वीरों में एनएच-33 फोरलेन पर सुबह का ऐसा दृश्य दिख रहा है, जैसे जनवरी का घना कोहरा हो। वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और सड़क पर विजिबिलिटी बेहद कम नजर आ रही है।
मौसम विभाग ने पहले ही दी थी चेतावनीः ताजा रिपोर्ट के अनुसार मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। रांची, धनबाद, दुमका और आसपास के इलाकों में तेज आंधी, बिजली और 70 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी।
इसी के बाद शुक्रवार-शनिवार रात में कई जगहों पर तेज बारिश और तूफानी हवाएं चलीं, जिससे तापमान अचानक गिर गया और सुबह होते-होते घना कुहासा छा गया।
देशभर में बदला मौसम, झारखंड भी प्रभावितः मौसम का यह बदलाव केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। देश के कई राज्यों में अचानक बारिश, ओले और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे देश में असामान्य मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिससे मार्च में भी ठंड और कुहासा जैसा माहौल बन गया है।
NH-33 और शहरों में बढ़ा खतराः तस्वीरों से साफ है कि सड़क पर विजिबिलिटी 30-40 मीटर से ज्यादा नहीं है । ट्रकों और गाड़ियों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है। सड़क किनारे लाइटें ही रास्ता दिखा रही हैं । कई जगह कचरा और धूल भी दिखाई दे रही है, जिससे धुंध और घनी लग रही है। यह स्थिति सबसे ज्यादा हाईवे और सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों के लिए खतरनाक मानी जा रही है।
आखिर मार्च में कुहासा क्यों? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं। तेज बारिश के बाद जमीन में नमी बढ़ गई है । रात में तापमान अचानक गिरने से भाप जमकर कुहासा बन गई है। हवा की रफ्तार कम होने से धुंध लंबे समय तक बनी हुई है। यही वजह है कि इस बार मार्च में भी सर्दियों जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है।
पटना-रांची एनएच-33 (अब एनएच-20) रोड से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि मार्च में ऐसा घना कुहासा पहले बहुत कम देखा गया है। कई जगह सुबह 8 बजे तक भी धुंध छाई रही।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिर्फ एक दिन का मौसम बदलाव नहीं, बल्कि पूरे देश में बदलते मौसम चक्र का संकेत माना जा रहा है। कभी मार्च में लू चलती थी, लेकिन अब उसी महीने में बारिश, आंधी और घना कुहासा देखने को मिल रहा है। अगर यही स्थिति जारी रही तो आने वाले दिनों में खेती, ट्रैफिक और आम जनजीवन पर भी इसका असर पड़ सकता है।









