रांची नगर निगम चुनाव: नामांकन से पहले NOC लेने के लिए उमड़े कर्णधार

रांची दर्पण डेस्क। रांची नगर निगम चुनाव का बिगुल बज चुका है और अब हर प्रत्याशी अपने राजनीतिक दांव-पेंच में जुट गया है। नामांकन प्रक्रिया चार फरवरी तक जारी रहेगी और उससे पहले सभी संभावित उम्मीदवारों के लिए नगर निगम से बकाया कचरा यूजर चार्ज, होल्डिंग टैक्स और वाटर टैक्स का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

सुबह से ही नगर निगम कार्यालय में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नगर निगम का मुख्य भवन इस भीड़ से गुलजार हो गया, और ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरे और छठे तल्ले तक प्रत्याशी और उनके सहयोगी एनओसी प्राप्त करने के लिए कतारों में खड़े रहे।

नगर निगम प्रशासन के अनुसार  कुल 401 प्रत्याशियों को एनओसी जारी कर दिया गया, जबकि लगभग 800 लोग कार्यालय में आए और फॉर्म भरने और बकाया राशि जमा करने के लिए प्रतीक्षा करते रहे।

एनओसी के बिना नामांकन संभव नहीं

नगर निगम के अधिकारी बताते हैं कि एनओसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रत्याशी पर बकाया टैक्स या अन्य वित्तीय देनदारी न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार के पास एनओसी नहीं होगा तो उनका नामांकन रद्द हो सकता है। यही कारण है कि अधिकांश प्रत्याशी अपनी पूरी मेहनत और समय का इस्तेमाल एनओसी प्राप्त करने में कर रहे हैं।

प्रत्याशियों का कहना था कि समय पर एनओसी प्राप्त करना उनके लिए प्राथमिकता है। एक उम्मीदवार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमने कई महीनों से तैयारियाँ की हैं और बकाया राशि जमा कर दी है, लेकिन अंतिम समय पर अफरातफरी से बचने के लिए आज ही एनओसी लेना जरूरी था।

नगर निगम कार्यालय में अफरातफरी

नगर निगम कार्यालय में प्रत्याशियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि कई जगह अफरातफरी की स्थिति बन गई। अधिकारी और कर्मचारी दिनभर पर्ची बिक्री, बकाया राशि जमा कराने और जानकारी देने में जुटे रहे। हर फ्लोर पर प्रत्याशी और उनके समर्थक अलग-अलग काउंटरों पर एनओसी से संबंधित जानकारी ले रहे थे, बकाया राशि जमा कर रहे थे और फॉर्म भर रहे थे।

छठे तल्ले में प्रत्याशियों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि नगर निगम प्रशासन ने अपील की कि सभी धैर्य बनाए रखें। कर्मचारियों का कहना था कि हम सभी को एक-एक कर एनओसी दे रहे हैं, कोई भी परेशान न हो।

प्रत्याशियों की रणनीति और तैयारियाँ

नगर निगम चुनाव को लेकर प्रत्याशी केवल बकाया राशि भरने तक ही सीमित नहीं हैं। वे अपनी राजनीतिक रणनीति और प्रचार की तैयारियों में भी जुटे हुए हैं। कई उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर नामांकन प्रक्रिया में आवश्यक कागजात पूरी तरह व्यवस्थित कर लिए हैं, ताकि अंतिम दिन पर किसी भी तरह की समस्या न आए।

एक वरिष्ठ उम्मीदवार ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिनों में भारी भीड़ और अफरातफरी आम बात है। इसलिए हम चाहते हैं कि हमारे सभी दस्तावेज पहले ही तैयार हों। एनओसी के बिना कोई भी कदम सही नहीं होगा।

शाम तक जारी रही भीड़

नगर निगम कार्यालय की स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि एनओसी लेने की प्रक्रिया एक लंबी और थकाऊ लड़ाई की तरह रही। उम्मीदवार और उनके समर्थक रात आठ बजे तक छठे तल्ले में मौजूद थे। कार्यालय के बाहर भी लोग प्रतीक्षा कर रहे थे कि कब उनका नंबर आए।

नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि नामांकन से पहले ही इस स्तर की भीड़ देखी गई हो। कर्मचारियों को पूरी तरह से जुटना पड़ा और उन्होंने धैर्यपूर्वक सभी का काम निपटाया।

प्रशासन की तैयारियाँ

नगर निगम ने भीड़ और अफरातफरी को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई, काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई और कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।

इसके अलावा, अधिकारियों ने प्रत्याशियों को समय-समय पर निर्देश दिया कि सभी दस्तावेज सही ढंग से प्रस्तुत करें और कोई भी विवाद या गलती प्रक्रिया में बाधा न बने। उन्होंने बताया कि हम चाहते हैं कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, इसलिए प्रत्याशियों को हर संभव मदद दी जा रही है।

राजनीतिक हलचल और जनता की नजर

रांची नगर निगम चुनाव न केवल प्रत्याशियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जनता की नजर भी इस प्रक्रिया पर है। एनओसी की दौड़ और नामांकन की तैयारियों से यह स्पष्ट हो रहा है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर राजनीतिक हलचल है।

स्थानीय जनता ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कड़ी है, और प्रत्याशी समय पर सभी दस्तावेज पूरे करने में जुटे हैं। इससे यह साफ होता है कि चुनाव गंभीर रूप से लड़ा जाएगा।

चुनाव की अहमियत

रांची नगर निगम चुनाव का महत्व केवल नगर स्तर तक सीमित नहीं है। यह राज्य राजनीति में भी अपना असर डालता है। कई बड़े राजनीतिक दल और स्थानीय नेता इस चुनाव को लेकर अपनी रणनीति पहले से ही तैयार कर चुके हैं। एनओसी प्राप्त करना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनाव में भागीदारी की अनिवार्यता भी है।

इस बार के चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या बढ़ी हुई है और इस कारण नगर निगम प्रशासन पर भी दबाव है। अधिकारियों का कहना है कि हम हर उम्मीदवार को पूरा सहयोग देने का प्रयास कर रहे हैं। उद्देश्य केवल यह है कि कोई भी योग्य उम्मीदवार प्रक्रिया से वंचित न हो।

इस भीड़ और अफरातफरी के मायने

बहरहाल नगर निगम कार्यालय में हुई भीड़ और अफरातफरी ने यह स्पष्ट कर दिया कि रांची नगर निगम चुनाव में प्रत्याशियों की तैयारी और भागीदारी दोनों ही गहन हैं। एनओसी प्राप्त करना हर उम्मीदवार की प्राथमिकता है और प्रशासन भी सुनिश्चित कर रहा है कि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। यह दृश्य न केवल चुनाव की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि रांची की राजनीतिक हवा में हलचल का भी परिचायक है।

रांची नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया अगले सप्ताह और भी रोचक और चुनौतीपूर्ण होने वाली है और जनता की नजर अब हर कदम पर टिकी हुई है। एनओसी की इस दौड़ के साथ ही चुनाव की गर्मी शहर भर में महसूस की जा रही है।

( रांची दर्पण के लिए नगर निगम भवन से मुकेश भारतीय की रिपोर्ट )

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