
रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची की सड़कों पर घूमते आवारा कुत्तों की समस्या अब जल्द ही काबू में आ सकती है। रांची नगर निगम ने शहर में मॉडर्न शेल्टर होम और डॉग हॉस्पिटल के निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया है। इस प्रस्तावित शेल्टर होम में न सिर्फ आवारा कुत्तों को सुरक्षित रखा जाएगा, बल्कि बीमार और आक्रामक कुत्तों का इलाज, टीकाकरण और नसबंदी भी की जाएगी।
नगर निगम के अनुसार इस शेल्टर होम की क्षमता लगभग 2000 कुत्तों की होगी, जो झारखंड ही नहीं बल्कि पूर्वी भारत के बड़े डॉग शेल्टर होम्स में से एक माना जा रहा है। इसके लिए हल अंचल के समीप करीब 1.50 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक बाधा न आए, इसके लिए निगम ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जमीन के सीमांकन (डिमार्केशन) की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का होगा पालन
दरअसल, देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी नगर निकायों को शेल्टर होम और पशु अस्पताल बनाने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि जो कुत्ते लोगों को काटते हैं या आतंक का कारण बनते हैं, उन्हें खुले में छोड़ने के बजाय शेल्टर होम में रखकर इलाज और देखरेख की व्यवस्था की जाए। रांची नगर निगम की यह पहल इन्हीं निर्देशों के अनुपालन के तौर पर देखी जा रही है।
चुटिया का छोटा अस्पताल बना बड़ी समस्या
नगर निगम द्वारा पूर्व में बकरी बाजार में कुत्तों के अस्पताल का संचालन किया जाता था, जहां पकड़े गए कुत्तों का वैक्सीनेशन और नसबंदी की जाती थी। हालांकि भीड़भाड़ और धार्मिक आयोजनों के कारण इस अस्पताल को वहां से हटाकर चुटिया में शिफ्ट किया गया।
लेकिन चुटिया स्थित अस्पताल की सबसे बड़ी समस्या उसकी सीमित क्षमता रही। यहां मात्र 30 कुत्तों को रखने की व्यवस्था थी। जगह की कमी के कारण हिंसक या आक्रामक कुत्तों को यहां नहीं रखा जा सकता था। नतीजतन, वैक्सीनेशन के बाद मजबूरी में कई कुत्तों को उनके संबंधित वार्डों में वापस छोड़ना पड़ता था, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती थी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर निगम सक्रिय
इधर, स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम ने शहर में सफाई व्यवस्था को भी तेज कर दिया है। निगम की टीमों ने बस स्टैंड, पार्क और प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया है। इस दौरान सड़कों पर बिखरे कचरे को एकत्र किया गया और नालियों की भी सफाई की गई।
नगर निगम ने आम नागरिकों से खुले में कचरा नहीं फेंकने की अपील की है। साथ ही सफाई व्यवस्था से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए निगम का टोल फ्री नंबर 18005701235 जारी किया गया है, जिस पर कॉल कर लोग अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
सुरक्षित शहर और मानवीय समाधान की उम्मीद
नगर निगम के इस प्रस्तावित शेल्टर होम से जहां एक ओर आम नागरिकों को आवारा कुत्तों के हमलों से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर यह कदम पशु कल्याण और मानवीय दृष्टिकोण को भी मजबूत करेगा। यदि योजना समय पर जमीन पर उतरती है तो रांची देश के उन शहरों में शामिल हो सकती है, जहां आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान मौजूद है।
स्रोत : रांची दर्पण डेस्क के लिए मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स





