रांची दर्पण डेस्क। कांके अंचल कार्यालय से जुड़े एक जमीन विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। अपील वाद संख्या 396/2025-26 में अंचलाधिकारी द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद भी निर्धारित तिथि पर सुनवाई नहीं हो सकी, जिससे मामले को लेकर प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
यह मामला मौजा नेवरी स्थित प्लॉट संख्या-1335 से जुड़ा हुआ है। सरकारी खतियान के अनुसार इस प्लॉट का कुल रकबा 25 डिसमिल है, जबकि वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में 37 डिसमिल दिखाया जा रहा है। इसी विसंगति को लेकर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कोर्ट में सुनवाई हुई।
बाद में भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) ने पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए 02.12.2025 को कांके अंचल अधिकारी को पूरे मामले की पुनः जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। इसके बाद 6 मार्च 2026 को कांके अंचल कार्यालय द्वारा नया नोटिस जारी किया गया और 20 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की गई।
आवेदक पक्ष का कहना है कि वह निर्धारित तिथि पर अंचल कार्यालय पहुँचा, लेकिन न तो उसकी उपस्थिति दर्ज की गई और न ही आवेदन लिया गया। इसके बाद उसने उसी नोटिस की प्रति पर लिखकर अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए जिला प्रशासन को पूरी जानकारी भेज दी है।
अब यह मामला केवल जमीन विवाद नहीं, बल्कि राजस्व अभिलेखों में रकबे की विसंगति और प्रशासनिक प्रक्रिया के पालन से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है और लोगों की नजर अब अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्रोतः उपलब्ध दस्तावेज/रांची दर्पण


