अपराधआस-पासफीचर्ड

सीताडीह में लोहार के घर से निकली मिनी गन फैक्ट्री, अड्डा देख दंग हुई पुलिस

19 सिंगल बैरल राइफल, चार अर्धनिर्मित हथियार और औजार बरामद, आरोपी गिरफ्तार

रांची दर्पण डेस्क। अनगड़ा थाना क्षेत्र के सीताडीह गांव में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के एक गुप्त अड्डे का पर्दाफाश किया है। शांत ग्रामीण इलाके में वर्षों से चल रही इस मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पुलिस ने नारायण लोहरा (60) के घर पर छापेमारी कर 19 पीस सिंगल बैरल राइफल, चार अर्धनिर्मित देसी हथियार और हथियार बनाने में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए।

छापेमारी के दौरान पुलिस को 10 हथियार घर के अंदर छिपाकर रखे हुए मिले, जबकि नौ हथियार घर के पीछे एस्बेस्टस की चादरों के नीचे सहेज कर रखे गए थे। मौके से ही पुलिस ने नारायण लोहरा को गिरफ्तार कर लिया।

शनिवार की शाम ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि छह फरवरी की शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सीताडीह गांव में अवैध रूप से हथियारों का निर्माण और उनकी बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने सुनियोजित तरीके से गांव में छापेमारी की।

ग्रामीण एसपी के अनुसार, छापेमारी के समय नारायण लोहरा अपने घर में ही मौजूद था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो उसने हथियार छिपाकर रखने और उनके निर्माण की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले पारंपरिक रूप से लोहार का काम करता था, लेकिन बाद में उसने हथियार बनाना सीख लिया और करीब पांच वर्षों से अवैध रूप से देसी हथियारों का निर्माण कर रहा था।

नारायण लोहरा हर हथियार को 10 से 15 हजार रुपये में बेचता था। पूछताछ में उसने कुछ स्थानीय लोगों को हथियार बेचे जाने की जानकारी भी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में अब तक किसी संगठित आपराधिक गिरोह से सीधे संबंध या बड़े नेटवर्क का खुलासा नहीं हो सका है।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि जिस व्यक्ति को लोग वर्षों से एक साधारण लोहार के रूप में जानते थे, वही अपने घर में अवैध हथियारों का जखीरा तैयार कर रहा था। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।

पुलिस ने साफ किया है कि अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जाएगी।

स्रोतः पुलिस रिपोर्ट/ रांची दर्पण डेस्क के लिए मुकेश भारतीय की रिपोर्ट।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.