तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलावः अब 23 सरकारी पॉलिटेक्निक में पीएचडी तक की पढ़ाई

Jharkhand government has announced a major reform in technical education by upgrading 23 government polytechnic institutes. Under the J-Pragati scheme, these institutes will offer courses from diploma to PhD level and will be developed on the lines of IIT and NIT. The move is expected to boost technical education, research, and employment opportunities for students in the state.

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना तय समय पर लागू हो जाती है तो आने वाले 5-7 वर्षों में झारखंड देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षा केंद्रों में शामिल हो सकता है…

रांची दर्पण डेस्क। झारखंड सरकार ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। राज्य के 23 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को अब सिर्फ डिप्लोमा कॉलेज नहीं बल्कि आईआईटी-एनआईटी की तर्ज पर बहुस्तरीय तकनीकी शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस निर्णय के तहत इन संस्थानों में डिप्लोमा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई गई है, जो झारखंड में तकनीकी शिक्षा की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है।

अब पॉलिटेक्निक बनेंगे मिनी टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटीः राज्य के कुल 23 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में से 17 पहले से संचालित हैं, जबकि छह नए संस्थान बनकर तैयार हो चुके हैं। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार इन सभी को जे-प्रगति (Jharkhand Polytechnic Revamping for Advanced Graduate and Innovation-led Technical Institutions) योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा और इन्हें झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा।

इसका मतलब साफ है कि जहां पहले सिर्फ डिप्लोमा की पढ़ाई होती थी, वहीं अब बीटेक, पोस्ट-ग्रेजुएट और रिसर्च स्तर यानी पीएचडी तक की पढ़ाई की व्यवस्था बनाई जाएगी।

आईआईटी-एनआईटी मॉडल पर होगा विकासः राज्य सरकार इन संस्थानों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों जैसे आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर विकसित करना चाहती है। इसके तहत इन संस्थानों को शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वायत्तता भी दी जाएगी, जिससे पाठ्यक्रम उद्योग की जरूरतों के अनुसार तय किए जा सकेंगे।

रोजगार और उद्योग से सीधा जुड़ावः नई योजना का सबसे अहम पहलू रोजगार क्षमता बढ़ाना है। इसके लिए उद्योग आधारित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे । पोस्ट ग्रेजुएट टेक्निकल कोर्स जोड़े जाएंगे । प्रत्येक संस्थान में आधुनिक प्रयोगशालाएं (Advanced Labs) बनाई जाएंगी । स्पेशलाइजेशन के आधार पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होंगे । उद्योग और संस्थान के बीच साझेदारी के लिए “इंस्टीट्यूशनल आउटरीच सेल” बनाया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला झारखंड को सिर्फ खनिज आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर टेक्नोलॉजी और स्किल आधारित राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।

पूरी तरह आवासीय और ग्रीन कैंपस होंगे संस्थानः अपग्रेडेशन के साथ सभी 23 संस्थानों की क्षमता बढ़ाकर 1500 से 1600 छात्रों तक करने की योजना है। साथ ही इन्हें पूरी तरह आवासीय (100% रेजिडेंशियल) और ग्रीन कैंपस मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यानी आने वाले समय में झारखंड के पॉलिटेक्निक संस्थान सिर्फ कॉलेज नहीं बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजी कैंपस के रूप में नजर आएंगे।

स्कूली बच्चों को भी मिलेगा फायदाः इस योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पॉलिटेक्निक संस्थानों को स्कूल स्तर से जोड़ा जाएगा। विज्ञान ज्योति स्कीम के तहत हर साल करीब 6000 विद्यार्थियों (कक्षा 9 और 10) को तीन दिवसीय एक्सपोजर विजिट के लिए इन संस्थानों में लाया जाएगा। ताकि वे STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) शिक्षा के अवसरों को करीब से समझ सकें।

झारखंड के लिए क्यों है यह फैसला ऐतिहासिकः झारखंड लंबे समय से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े संस्थानों की कमी झेलता रहा है। अब अगर 23 पॉलिटेक्निक संस्थानों को रिसर्च और उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है तो इसका सीधा फायदा राज्य के ग्रामीण और मध्यमवर्गीय छात्रों को मिलेगा। उन्हें उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी।

Ranchi Darpanhttps://ranchidarpan.com
वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।
अन्य समाचार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

प्रमुख समाचार